अपराध

ड्रोन से निगरानी, स्मार्ट पुलिसिंग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ड्रोन से निगरानी, स्मार्ट पुलिसिंग

राजस्थान पुलिस ने ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 17 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का विशेष प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण में ड्रोन संचालन, मिशन प्लानिंग, दिन-रात सर्विलांस और फ्लाइंग सेफ्टी की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई, जबकि दो अधिकारियों को DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट मिला।

जयपुर, 6 अक्टूबर। अपराध नियंत्रण, निगरानी और पुलिस अभियानों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान स्थित सप्तशक्ति ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल (एसएसडीटीएस) में आयोजित तीन सप्ताह के पुलिस ड्रोन इंटीग्रेशन कोर्स का समापन हुआ।

प्रशिक्षण में कांस्टेबल से लेकर पुलिस उपाधीक्षक स्तर तक के 17 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ड्रोन संचालन से लेकर मिशन आधारित फ्लाइट और दिन-रात सर्विलांस का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

ड्रोन संचालन और मिशन प्लानिंग की ट्रेनिंग

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान पुलिसिंग में ड्रोन तकनीक के सुरक्षित, प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं परिचालन विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें फर्स्ट पर्सन व्यू ड्रोन सिमुलेशन, सर्विलांस ड्रोन ऑपरेशन, मिशन प्लानिंग और फ्लाइंग सेफ्टी प्रमुख रूप से शामिल रहे।

प्रशिक्षणार्थियों को ड्रोन की असेंबली एवं डिसअसेंबली, मेंटेनेंस और परिचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं का भी अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही ड्रोन रेगुलेशन और एयर स्पेस मैनेजमेंट से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि संचालन के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

दिन-रात ड्रोन सर्विलांस का अभ्यास

प्रशिक्षण को पुलिसिंग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हुए प्रतिभागियों को दिन और रात दोनों समय ड्रोन सर्विलांस तथा मिशन आधारित ड्रोन फ्लाइट का अभ्यास कराया गया। इसके जरिए ड्रोन पायलटों की परिचालन दक्षता, परिस्थितियों को समझने की क्षमता, निर्णय क्षमता और तकनीकी कौशल को विकसित करने पर जोर दिया गया।

दो अधिकारियों को DGCA का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के दो अधिकारियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) भी एसएसडीटीएस के माध्यम से प्रदान किया गया।

24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के लिए तैयार किया रोडमैप

राजस्थान पुलिस में ड्रोन तकनीक के व्यापक और व्यवस्थित इस्तेमाल के लिए प्रस्तावित 24 ड्रोन एप्लीकेशन्स के क्रियान्वयन को लेकर ड्राफ्ट रोडमैप भी तैयार किया गया है। इसमें पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के संभावित उपयोग, परिचालन जरूरतों और तकनीक के व्यवस्थित क्रियान्वयन से जुड़े बिंदु शामिल किए गए हैं।

मुख्यालय स्तर पर अनुमोदन के बाद इस रोडमैप को आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग में लागू किया जाएगा। इससे ड्रोन तकनीक के उपयोग को व्यवस्थित, सुरक्षित और मानकीकृत स्वरूप देने में मदद मिलेगी।

आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी पुलिसिंग

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से अपनी पुलिसिंग की कार्यक्षमता और परिचालन क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक वर्तमान समय में निगरानी, सुरक्षा और विभिन्न पुलिस ऑपरेशन्स के लिए उपयोगी तकनीकी संसाधन के रूप में उभर रही है।

उन्होंने एसएसडीटीएस में आयोजित प्रशिक्षण को पुलिस कार्मिकों को ड्रोन तकनीक की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। साथ ही कहा कि तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की क्षमताओं को और मजबूत करेंगे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।