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DU छात्र संघ चुनाव-CJP प्रोटेस्ट के बाद पहला जेन-जी इलेक्शन:सत्य निकेतन हॉस्टल हादसा बड़ा मुद्दा; स्टूडेंट्स बोले- हॉस्टल और छात्राओं की सुरक्षा सबसे जरूरी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
DU छात्र संघ चुनाव-CJP प्रोटेस्ट के बाद पहला जेन-जी इलेक्शन:सत्य निकेतन हॉस्टल हादसा बड़ा मुद्दा; स्टूडेंट्स बोले- हॉस्टल और छात्राओं की सुरक्षा सबसे जरूरी

“लग्जरी गाड़ियों का काफिला नारेबाजी के साथ आता है। उसमें से उतरते ही नेताजी के गले में मालाओं का ढेर लग जाता है। बैकग्राउंड में पटाखे छूट रहे हैं। गाड़ियों की छत पर खड़े समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच हवा में पर्चे और फूल उछाले जा रहे हैं। एक के जाते ही दूसरी पार्टी का उम्मीदवार आ रहा है।” ये नजारा सुनने में किसी विधायकी या सांसदी के चुनाव का लगता है, लेकिन ये दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के लिए हो रहे चुनाव प्रचार का सीन है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में 18 सितंबर को छात्र संघ (DUSU) चुनावों के लिए वोटिंग होनी है। 16 सितंबर को शाम 5 बजे इसके लिए चुनाव प्रचार थम गया। नतीजे 19 सितंबर को आएंगे। DUSU का चुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि जंतर मंतर पर हुए CJP के बड़े प्रोटेस्ट के बाद पहली बार कोई छात्र संघ का चुनाव हो रहा है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2 कैंपस, इनमें 91 कॉलेज, चुनाव 52 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में दो कैंपस हैं। साउथ और नॉर्थ कैंपस लगभग 15 किमी की दूरी पर बने हैं। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं, लेकिन DUSU के चुनावों में DU के सभी कॉलेज वोट नहीं कर सकते हैं। DUSU में सिर्फ 52 कॉलेज और फैकल्टी ही सीधे तौर पर वोटिंग में हिस्सा लेते हैं।

सेंट स्टीफंस, लेडी श्री राम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ बड़े कॉलेज भी DUSU का हिस्सा नहीं हैं। मुद्दे जो स्टूडेंट्स के बीच चर्चा में… CJP प्रोटेस्ट के बाद हो रहे GenZ वोटरों के इन छात्र संघ चुनावों में स्टूडेंट्स के क्या मुद्दे हैं?

सत्य निकेतन पीजी हादसे का चुनावों पर क्या असर हुआ है? पिछले चुनावों से इस बार DUSU किस तरह अलग है?

यही सब जानने के लिए DU के अलग-अलग कॉलेज में दैनिक भास्कर ने छात्रों और कैंडिडेट्स से बात की। साउथ कैंपस: सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा, कहा- बाहरी लोग बंद हों छात्रों के मुद्दे समझने के लिए सबसे पहले हम साउथ कैंपस पहुंचे। प्रचार के शोर-शराबे में आम छात्र साफ असहज दिखाई दे रहे थे। विशेषकर लड़कियां बाहर से आ रहे लोगों से नाखुश नजर आईं। PGDAV कॉलेज में BA इंग्लिश ऑनर्स थर्ड ईयर की अनन्या का मानती हैं कि महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। अन्नया की क्लासमेट हर्षिता चौधरी कॉलेज में साफ-सफाई को एक बड़ा मुद्दा मानती हैं। वे कहती हैं कि छात्र संघ जीतने के बाद कोई काम नहीं करता और चुनाव प्रच

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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