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दुर्ग में भारी बारिश से शिवनाथ नदी उफान पर, गणेश विसर्जन पर रोक; 200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दुर्ग में भारी बारिश से शिवनाथ नदी उफान पर, गणेश विसर्जन पर रोक; 200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

दुर्ग। जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में इस समय करीब 58 से 60 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बताया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर और एनीकटों के ऊपर कई फीट पानी बहने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रशासन ने फिलहाल शिवनाथ नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगा दी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति की भी पुष्टि हुई है।

दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थल के साथ ही वार्ड क्रमांक 55 और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वार्ड क्रमांक 55 में प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक राहत कैंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

एनीकटों के ऊपर 10 से 13 फीट तक पानी

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से जिले में भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। वर्तमान में नदी में करीब 58 से 60 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पानी का बहाव बढ़ने से अधिकांश एनीकटों के ऊपर करीब 10 से 12 फीट जबकि कुछ स्थानों पर 13 फीट तक पानी बह रहा है। ऐसी स्थिति में नदी और उसके आसपास जाना बेहद जोखिमभरा हो सकता है।

रात 2 बजे बंद कराया गया गणेश विसर्जन

कलेक्टर ने बताया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन नदी में तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर रात करीब 2 बजे विसर्जन की प्रक्रिया बंद करा दी गई। इसके बाद शिवनाथ नदी में प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगा दी गई है।

जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव समितियों और नागरिकों से अपील की है कि जब तक शिवनाथ नदी की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक नदी में प्रतिमा विसर्जन न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

गौरतलब है कि 24 से 26 सितंबर तक शिवनाथ नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर पहले से यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई थीं।

नदी किनारे रहने वाले 13 परिवारों को सुरक्षित निकाला

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि नदी किनारे रहने वाले करीब 13 परिवारों को रात और सुबह के समय सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन परिवारों को सामुदायिक भवन में लाकर ठहराया गया है।

इसके अलावा जिले के अलग-अलग जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कलेक्टर के मुताबिक अब तक 200 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अभी तक किसी भी स्थान से जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

तीन दिनों से 100 एमएम से ज्यादा बारिश: गजेंद्र यादव

दुर्ग में बाढ़ और जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि सामान्य तौर पर दुर्ग जिले में औसत बारिश करीब 30 से 40 एमएम के आसपास होती है, लेकिन पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन 100 एमएम से ज्यादा बारिश हो रही है। उन्होंने इसे अतिवृष्टि जैसी स्थिति बताया।

उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में शिवनाथ नदी में करीब 10 हजार क्यूसेक पानी का बहाव रहता है, जबकि वर्तमान में यह करीब 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है।

मंत्री ने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलगांव क्षेत्र के 13 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा समुद्र नाला क्षेत्र में ईंट भट्ठे में काम करने वाले परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन के संज्ञान में जहां भी लोगों के फंसे होने या खतरे में होने की जानकारी आ रही है, वहां तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई की जा रही है।

परसदा और खुड़मुड़ा में भी रेस्क्यू ऑपरेशन

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के कई इलाकों में पानी बस्तियों के अंदर तक पहुंच गया था। कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा और अमलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम खुड़मुड़ा के पास भी जलभराव से लोग प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रभावित लोगों के लिए राहत की व्यवस्था की गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उनके भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की जा रही है।

एसएसपी के मुताबिक एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें पूरी रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। अब तक करीब 150 लोगों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रेस्क्यू किया है और बचाव अभियान लगातार जारी है।

ओवरफ्लो नालों को पार न करने की अपील

एसएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ और जलभराव की स्थिति में प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। जिन नालों में पानी ओवरफ्लो हो रहा है, उन्हें किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। आम जनता राहत कार्य में सहयोग करे और मौके पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों का पालन करे।

स्थिति सामान्य होने तक नदी में विसर्जन न करने की अपील

जिला प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रशासन ने गणेशोत्सव समितियों और नागरिकों से अपील की है कि शिवनाथ नदी में जलस्तर और बहाव सामान्य होने तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन स्थगित रखें।

प्रशासन की टीमें नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू करने की कार्रवाई जारी है।

बाइट:

गजेंद्र यादव — मंत्री, स्कूल एवं शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़

अभिजीत सिंह — कलेक्टर, दुर्ग विजय अग्रवाल — वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।