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दुर्गोत्सव पर ‘रूपं देहि–जयं देहि’ कार्यक्रम, कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
दुर्गोत्सव पर ‘रूपं देहि–जयं देहि’ कार्यक्रम, कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर

जमशेदपुर में ‘रूपं देहि–जयं देहि’ कार्यक्रम, शास्त्रीय नृत्य से मां दुर्गा की आराधना, कथक और भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति, भक्ति और भारतीय संस्कृति का दिखा अनूठा संगम।

Short Headline: दुर्गोत्सव पर ‘रूपं देहि–जयं देहि’ कार्यक्रम, कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुति से श्रद्धालु भावविभोर

शास्त्रीय नृत्य, जमशेदपुर, राजेश

जमशेदपुर में ‘रूपं देहि–जयं देहि’ कार्यक्रम

शास्त्रीय नृत्य से मां दुर्गा की आराधना कथक और भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति

भक्ति और भारतीय संस्कृति का दिखा अनूठा संगम

एंकर शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जमशेदपुर के घोड़ाबांधा, टेल्को स्थित श्री साईनाथ देवस्थानम में शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम ‘रूपं देहि – जयं देहि’ का आयोजन किया गया। महाषष्ठी के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुतियों के जरिए मां दुर्गा की आराधना की गई।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ-1 साई परिवार विश्व सेवा संस्थान, जमशेदपुर की ओर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम ‘रूपं देहि-जयं देहि’ का आयोजन हुआ। इसमें कोलकाता की कथक नृत्यांगना सौमिली घोष ने देवी स्तुति की प्रस्तुति दी। पारंपरिक कथक शैली, आकर्षक पद संचालन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के जरिए उन्होंने मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और समर्पण प्रकट किया।

होल्ड/कथक बाइट- सौमिली घोष, कथक नृत्यांगना

वीओ-2 वहीं, सिनी से आईं भरतनाट्यम नृत्यांगना और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर अंकिता राय ने ‘दुर्गा माहेश्वरी’ और ‘गोकुल निरयल’ की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनकी सुस्पष्ट मुद्राओं और भाव-भंगिमाओं में दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की झलक दिखाई दी। होल्ड/भरतनाट्यम

बाइट- अंकिता राय, भरतनाट्यम नृत्यांगना

अंतिम वीओ इसके अलावा, जमशेदपुर के कथक कलाकार तुषार दास ने देवी स्तुति और ‘गुरु चरण’ पर आधारित प्रस्तुतियों के जरिए गुरु परंपरा, भक्ति और नृत्य साधना का संदेश दिया। इस सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय नृत्य को भक्ति और साधना के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता को भी रेखांकित किया।

जमशेदपुर से राजेश लाल दास की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।