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DUSU Election Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ABVP का दबदबा, 4 में से 3 केंद्रीय पद जीते

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
DUSU Election Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ABVP का दबदबा, 4 में से 3 केंद्रीय पद जीते

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। वहीं उपाध्यक्ष पद निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन के खाते में गया।

अध्यक्ष पद के मुकाबले में ABVP के यश डबास को 24,576 वोट मिले, जबकि NSUI के विजय शंकर मीना को 22,523 वोट मिले। डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। वहीं संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले। इस मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 15,778 और NSUI प्रत्याशी को 15,206 वोट मिले।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। इस तरह DUSU के चार केंद्रीय पदों में ABVP को अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद मिले, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।

DUSU चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था। इस बार 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2025 के 39.45 प्रतिशत मतदान से अधिक रहा। 19 सितंबर को वोटों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए।

ABVP ने इस प्रदर्शन को छात्रों से जुड़े मुद्दों और छात्र हितों के लिए संगठन की भूमिका के समर्थन के रूप में प्रस्तुत किया है। चुनाव परिणामों के बाद संगठन की ओर से विजयी प्रत्याशियों और छात्रों के प्रति आभार जताया गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

डिस्ट्रिक्ट यूनिवर्सिटी ऑफ़ सायन्स एंड टेक्नोलॉजी (DUSU) के 2026 के चुनाव में ABVP ने प्रमुख पदों पर बहुमत हासिल किया। यह घटना विश्वविद्यालय के छात्र राजनीति में ABVP की बढ़ती पकड़ को दर्शाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव रखती है। चुनाव के परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि छात्र समुदाय में ABVP की नीतियाँ और संगठनात्मक ढाँचा लोकप्रियता पा रहे हैं। यह आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विश्वविद्यालय के निर्णयों पर छात्र प्रतिनिधियों का असर पड़ता है, जिससे शैक्षणिक नीतियाँ, छात्र कल्याण और कैं

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।