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EAM S Jaishankar पहुंचे Bhutan, पारो में विदेश मंत्री DN Dhungyel ने किया स्वागत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
EAM S Jaishankar पहुंचे Bhutan, पारो में विदेश मंत्री DN Dhungyel ने किया स्वागत

विदेश मंत्री एस.

जयशंकर 16-17 सितंबर तक भूटान की अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत बुधवार को पारो पहुँचे। उन्होंने कहा कि वह भूटान के साथ भारत के "खास दोस्ती के रिश्तों" को और आगे बढ़ाने वाली बातचीत को लेकर उत्साहित हैं। 'X' पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा, "कुज़ुज़ांगपो ला भूटान!

आज पारो पहुँचकर बहुत खुशी हुई। गर्मजोशी से स्वागत के लिए ल्योंपो डी. एन.

ढुंगेल @FMBhutan का धन्यवाद। विदेश मंत्री (EAM) का स्वागत करने के लिए भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डीएन ढुंगेल मौके पर मौजूद थे। जयशंकर ने कहा कि वह हमारी दोस्ती के अनोखे रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए होने वाली मुलाकातों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। जयशंकर, भूटान के विदेश और बाहरी व्यापार मंत्री ढुंगेल के न्योते पर 16-17 सितंबर तक भूटान की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

इसे भी पढ़ें: Texas में होगी Quad Energy Security Forum की पहली बैठक, मनोहर लाल लेंगे हिस्सा विदेश मंत्रालय (MEA) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जयशंकर भूटान के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। वह भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से भी मुलाकात करेंगे और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मिलेंगे।

मंत्रालय ने कहा, "यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा के अनुरूप है और इसका मकसद दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के मौजूदा करीबी रिश्तों को और मजबूत करना है।" यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को बहुत अहमियत देता है।

भूटान के साथ पहले हुई मुलाकातों की बात करें तो, अगस्त में नई दिल्ली में सीमा-पार नदियों पर सहयोग को लेकर एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इसमें भूटान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग ने किया था और भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने किया था।

इसे भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 की सफलता पर बोले S Jaishankar, बंटी दुनिया में भारत ने बनाई सहमति दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान जल संसाधन क्षेत्र में भारत और भूटान के बीच चल रहे सहयोग की समीक्षा की। इसमें सीमा-पार नदियों के प्रबंधन, बाढ़ की भविष्यवाणी और प्रबंधन, हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों पर खास तौर पर ध्यान दिया गया।

मंत्रियों ने पुनातसांगचू-I पनबिजली परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसे भारत की साझेदारी में भूटान में लागू किया जा रहा है, और इसे तेज़ी से पूरा करने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा, दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने भूटान में मौजूदा हाइड्रो-मेटियोरोलॉजिकल नेटवर्क को अपग्रेड और मज़बूत करने के प्रस्तावों पर रचनात्मक चर्चा की।

साथ ही, सीमा-पार नदियों पर हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा करने की मौजूदा व्यवस्था के तहत सहयोग का दायरा बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।

📡 स्रोत: NewsData.io

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