एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर NSA की कार्रवाई रद्द, हाईकोर्ट ने नोएडा DM मेधा रूपम को अपनी तनख्वाह से 5 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
नोएडा। नोएडा में अप्रैल 2026 में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़े मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आकृति के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत की गई निरुद्धि की कार्रवाई रद्द कर दी है। साथ ही करीब पांच महीने हिरासत में रहने के एवज में उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने आकृति की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने मामले में पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठाते हुए निरुद्धि को रद्द किया और मुआवजा देने का निर्देश दिया।
मजदूर आंदोलन के बाद हुई थी कार्रवाई
मामला अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़ा है। 10 से 18 अप्रैल के बीच अलग-अलग इलाकों में मजदूरों ने वेतन बढ़ाने और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। 13 अप्रैल को प्रदर्शन के दौरान हिंसा की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी भी शामिल थीं।
पुलिस और सरकार की ओर से आरोप लगाया गया था कि आकृति 13 अप्रैल की हिंसा भड़काने वालों में शामिल थीं। सरकार ने अदालत के सामने दावा किया था कि उनके खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। इसी आधार पर बाद में उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई।
अदालत में साक्ष्य पेश करने पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से आकृति के हिंसा में शामिल होने के आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार तत्काल वह साक्ष्य अदालत के सामने पेश नहीं कर सकी और इसके लिए समय मांगा गया। अदालत ने समय देने से इनकार करते हुए निरुद्धि को रद्द कर दिया।
वहीं आकृति की ओर से अदालत में कहा गया कि 13 अप्रैल को हिंसा होने से पहले ही पुलिस उन्हें हिरासत में ले चुकी थी। ऐसे में उनके हिंसा में शामिल होने या उसे भड़काने का सवाल ही नहीं उठता।
पांच महीने की हिरासत के बदले मिलेगा मुआवजा
हाईकोर्ट ने आकृति की NSA के तहत निरुद्धि को रद्द करते हुए 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के मुताबिक, यह राशि गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम के वेतन से अदा की जानी है।
हालांकि, आकृति के खिलाफ आंदोलन से जुड़े अन्य मामलों की कानूनी स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए NSA के तहत निरुद्धि रद्द होने का यह अर्थ जरूरी नहीं है कि अन्य मामलों में भी उनकी हिरासत स्वतः समाप्त हो जाएगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में नोएडा के मजदूर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार की गई सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई निरुद्धि रद्द कर दी और 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि अदालत ने व्यक्तिगत अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। आम जनता के लिए इसका असर यह है कि यह निर्णय नागरिकों के लिए कानूनी सुरक्षा को मजबूत करता है, पुलिस की अत्यधिक शक्ति पर नियंत्रण स्थापित करता है, और मज