EMI बढ़ने का खतरा! RBI फिर बढ़ा सकता है Repo Rate, 6% तक जाने की आशंका
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अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चुका रहे हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अगली बैठक आपके लिए अहम हो सकती है.
इस बैठक के दौरान महंगाई, कच्चे तेल की कीमत और रुपये में कमजोरी जैसे कई कारणों के बीच Repo Rate बढ़ने की मुद्दों पर चर्चा होगी. अगर ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में आपकी EMI का बोझ बढ़ सकता है.
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली है और 7 अक्टूबर को फैसले का इलां किया जाएगा. फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है.
हालांकि, बाजार में ऐसी संभावना जताई जा रही है कि RBI रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है.
सिर्फ ओटना ही नहीं, यूनियन बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आगे चलकर यह रेपो रेट के 5.75 से 6% तक पहुंचने का अनुमान है.
RBI क्यों बढ़ा सकता है रेपो रेट?
रेपो रेट बढ़ाने या घटाने का फैसला RBI देश की महंगाई और आर्थिक स्थिति को देखकर करता है.
हालांकि, इस बार केन्द्रीयए बैंक के पास कई ऐसी वजह सामने हैं जिनकी वजह से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है.
महंगाई में दोबारा बढ़ोतरी देखी जा रही है.
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है.
रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले में कमजोर हुई है.
अमेरिका समेत दूसरे देशों में ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है.
बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी और लोन की मांग भी RBI के फैसले को प्रभावित कर सकती है.
महंगाई और कच्चे तेल पर RBI की नजर
महंगाई RBI के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक है.
अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई, जो जुलाई में 4.45% थी.
महंगाई बढ़ने का मतलब यह है कि खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ने से आने वाले समय में इसका दबाव और बढ़ सकता है.
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करने के लि
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar