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एससी आयोग अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार को मानद पीएचडी, आयोग सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा को विधि में डॉक्टरेट

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
एससी आयोग अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार को मानद पीएचडी, आयोग सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा को विधि में डॉक्टरेट

करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने प्रदान कीं उपाधियां, सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए कुलदीप कुमार को मिला सम्मान

नवंबर 06, ऊना (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार को सामाजिक क्षेत्र और सार्वजनिक जीवन में योगदान के लिए मानद पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की।

इसी समारोह में आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा को विधि विषय में शोध कार्य पूरा करने पर पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई। अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों का संरक्षण, उनकी समस्याओं का समाधान और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना आयोग के प्रमुख कार्यों में शामिल है। आयोग के अध्यक्ष के रूप में कुलदीप कुमार शिकायतों के निस्तारण, सरकारी योजनाओं की समीक्षा, फील्ड विजिट और जागरूकता शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

समुदाय से जुड़े विषयों पर संस्थागत अध्ययन और शोध एवं विकास संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में भी आयोग काम कर रहा है। कुलदीप कुमार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष हिमाचल प्रदेश की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए सहयोग का विषय भी उठाया है। आयोग की पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है।

अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण से जुड़ी आयोग की एक पहल को स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में स्थान मिला था। कुलदीप कुमार चार बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने गगरेट और श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया है। हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहने के अलावा वे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार में उद्योग मंत्री और प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

वहीं, आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा ने करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के विधि विभाग में 'फ्रीडम ऑफ प्रेस' विषय पर शोध कार्य पूरा कर पीएचडी की डिग्री हासिल की है। इससे पहले वे पीजीआई चंडीगढ़ के न्यूरोलॉजी विभाग में मिर्गी रोग से संबंधित विषयों पर भी शोध कार्य कर चुके हैं। पीएचडी की उपाधि मिलने पर विजय डोगरा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि शोध और अकादमिक अनुभव रखने वाले लोगों को संस्थानों में जिम्मेदारी दी जाए, ताकि वे अपने ज्ञान और अनुभव से संस्थानों को दिशा देने और उनके कामकाज को गति प्रदान करने में भूमिका निभा सकें। बता दें, करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी का 12वां दीक्षांत समारोह 3 नवंबर को हमीरपुर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।

समारोह में कुल 648 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 43 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली। इसके अतिरिक्त 43 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अन्य हस्तियों को भी मानद उपाधियां प्रदान की गईं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार को करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में मानद पीएचडी से सम्मानित किया गया। यह उपाधि उनके सामाजिक कार्य और सार्वजनिक सेवा में योगदान को मान्यता देती है। इस मान्यता से सामाजिक न्याय और समान अवसरों के प्रति जागरूकता बढ़ती है, और यह प्रेरणा देती है कि समाज के सभी वर्गों के नेता अपने क्षेत्र में बदलाव लाने के लिये सक्रिय रहें। सामान्य जनता को यह संदेश मिलता है कि समाज में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।