एशियन गेम्स की स्वर्णिम जीत के बाद धर्मशाला पहुंचीं हिमाचल की कबड्डी खिलाड़ी, बैंड-बाजों के साथ हुआ भव्य स्वागत
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सितंबर 28, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली हिमाचल प्रदेश की खिलाड़ियों के धर्मशाला पहुंचने पर साई धर्मशाला में भव्य स्वागत किया गया। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ खिलाड़ियों का जोरदार अभिनंदन किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों के साथ उनके कोच और साई धर्मशाला के अधिकारी भी मौजूद रहे।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम की इस उपलब्धि में हिमाचल से जुड़ी खिलाड़ियों का भी अहम योगदान रहा। साई धर्मशाला की तीन खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतकर वापस लौटीं, जिसे लेकर पूरे खेल परिसर में खुशी का माहौल रहा। स्वर्ण पदक विजेता ज्योति ठाकुर ने अपनी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए जीत का श्रेय कोच, भारतीय कबड्डी फेडरेशन, साई स्टाफ और परिवार को दिया।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को साई में बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलीं, जबकि फेडरेशन ने पूरी टीम पर भरोसा जताया। टीम ने भी मैदान पर अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास किया। फाइनल मुकाबले को याद करते हुए ज्योति ठाकुर ने कहा कि ईरान की टीम मजबूत थी और मुकाबला शुरुआत से ही कांटे की टक्कर का रहा।
इसके बावजूद कोर्ट पर मौजूद खिलाड़ियों का विश्वास नहीं डगमगाया। सभी को भरोसा था कि टीम जीत हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क और आत्मविश्वास के दम पर भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। ज्योति ने यह भी बताया कि यह उनका पांचवां अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है। अलग-अलग परिस्थितियों और मौसम में खेलने का अनुभव अब खिलाड़ियों के काम आता है।
उन्होंने सफलता के पीछे टीम की एकजुटता और कोच की रणनीति को महत्वपूर्ण बताया। भारतीय महिला कबड्डी टीम की खिलाड़ी भावना ठाकुर के लिए यह उपलब्धि खास रही, क्योंकि यह उनका पहला एशियन गेम्स था। उन्होंने कहा कि हर कबड्डी खिलाड़ी का सपना होता है कि वह एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करे और पदक जीते।
स्वर्ण पदक हासिल करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। भावना ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे वर्षों की मेहनत और त्याग है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोच, फेडरेशन, माता-पिता, साई स्टाफ और पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि कबड्डी टीम गेम है, इसलिए इस पदक पर टीम के हर सदस्य का बराबर योगदान है।
भविष्य के लक्ष्य के बारे में भावना ठाकुर ने कहा कि अब उनकी नजर आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स पर है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए, क्योंकि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। वहीं, कबड्डी खिलाड़ी पुष्पा राणा ने एशियन गेम्स की सफलता के साथ खिलाड़ियों के भविष्य और रोजगार का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों के लिए नौकरी के बारे में गंभीरता से विचार करने की अपील की। पुष्पा राणा ने कहा कि खिलाड़ी वर्षों तक देश और प्रदेश के लिए मेहनत करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई मुलाकात और नौकरी को लेकर मिले आश्वासन का जिक्र करते हुए कहा कि अब खिलाड़ियों के रोजगार के बारे में जल्द विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 29 वर्ष हो चुकी है और खिलाड़ियों के सामने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण सवाल है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों की नौकरी के मुद्दे पर पहल करने का आग्रह किया। साई धर्मशाला के सहायक निदेशक जेपी साहनी ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे देश, हिमाचल प्रदेश और भारतीय खेल प्राधिकरण के लिए गौरव का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि साई धर्मशाला की तीन बेटियों का एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर लौटना पूरे सेंटर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनकी मेहनत के साथ कोच का मार्गदर्शन और साई धर्मशाला में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी भूमिका है। साहनी ने कहा कि साई और भारत सरकार की ओर से भविष्य के खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश और देश की अन्य बेटियों तथा युवा खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग का आग्रह किया। एशियन गेम्स की इस स्वर्णिम सफलता के बाद धर्मशाला पहुंची खिलाड़ियों के स्वागत ने खेल प्रेमियों में खास उत्साह पैदा किया।
एक ओर खिलाड़ियों ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है, वहीं रोजगार और भविष्य की सुरक्षा को लेकर उठी उनकी आवाज अब सरकार के अगले कदम की ओर देख रही है।
बाईट: ज्योति ठाकुर, कबड्डी खिलाड़ी बाईट: भावना, कबड्डी खिलाड़ी
बाईट: पुष्पा राणा, कबड्डी खिलाड़ी
बाईट: पूजा ठाकुर, कोच बाईट: जेपी साहनी, सहायक निदेशक, साई धर्मशाला