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Estonia Ammunition Deal विवाद पर MoD का बड़ा बयान, NECO Defence से नहीं है कोई लेनदेन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
Estonia Ammunition Deal विवाद पर MoD का बड़ा बयान, NECO Defence से नहीं है कोई लेनदेन

रक्षा अधिकारियों ने बताया कि एस्टोनिया को आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) सप्लाई करने और फिर उन्हें यूक्रेन भेजने के कथित सौदे से जुड़ी भारतीय कंपनी का रक्षा मंत्रालय या भारतीय सशस्त्र बलों के साथ कोई लेन-देन नहीं है। यह स्पष्टीकरण तब आया है जब एस्टोनिया में गोला-बारूद की खरीद से जुड़े एक कथित विवाद में इस कंपनी का नाम सामने आया, जिसके कारण एस्टोनिया के तत्कालीन रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर को इस्तीफा देना पड़ा।

इस पृष्ठभूमि में, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कंपनी को भारतीय सशस्त्र बलों से कोई सप्लाई ऑर्डर नहीं मिला है। हालांकि, उन्होंने कहा कि हो सकता है कि उसने राज्य पुलिस बलों को उपकरण सप्लाई किए हों, जैसा कि उसकी वेबसाइट पर दावा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Singapore PM Lawrence Wong की कड़े शब्दों में चेतावनी, भारतीयों के खिलाफ Racism किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं रक्षा अधिकारियों ने ANI को बताया, "NECO डिफेंस का हमारे सशस्त्र बलों के साथ कोई लेन-देन या सप्लाई ऑर्डर नहीं है, लेकिन हो सकता है कि उन्होंने राज्य पुलिस को सप्लाई की हो, जैसा कि उनकी वेबसाइट पर दावा किया गया है।

अधिकारियों ने कहा, "MoD (रक्षा मंत्रालय) के साथ कोई संबंध या लेन-देन नहीं है।" NECO डिफेंस, नागपुर स्थित कंपनियों के उस ग्रुप का हिस्सा है जो स्टील बनाने के कारोबार में शामिल है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हाल ही में 'डाटासेल' (Datasel) नाम की एक छोटी इटैलियन फर्म को खरीदा है, जो छोटे हथियार और गोला-बारूद बनाती है।

इसे भी पढ़ें: Singapore PM Lawrence Wong की कड़े शब्दों में चेतावनी, भारतीयों के खिलाफ Racism किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं अधिकारियों ने आगे बताया कि रोमानिया में भी इस फर्म की एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जिसके पास एस्टोनिया को सप्लाई करने और वहां से यूक्रेन भेजने के लिए आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) भरने का कॉन्ट्रैक्ट है।

हैनो पेवकुर ने 2 सितंबर को घोषणा की कि यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने के कथित सौदे पर हुए विवाद के बाद वे अपने पद से हट जाएंगे। यह विवाद इस बात पर था कि कथित तौर पर उन कंपनियों से आर्टिलरी शेल खरीदने के लिए यूरोपीय संघ के फंड का इस्तेमाल किया गया, जिनका ऐसे हथियार बनाने का कोई पिछला अनुभव या ट्रैक रिकॉर्ड नहीं था।

📡 स्रोत: NewsData.io

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