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Explainer: 100 अरब डॉलर निवेश, 5 साल मल्टी एंट्री वीजा... स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन के भारत दौरे पर क्या-क्या हुए समझौते?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
Explainer: 100 अरब डॉलर निवेश, 5 साल मल्टी एंट्री वीजा... स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन के भारत दौरे पर क्या-क्या हुए समझौते?

India-Switzerland Agreement: स्विस राष्ट्रपति सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे. यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है.

इससे पहले वह फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए थे.

उनकी मौजूदा यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को और मजबूत करना है.

भारत और स्विट्जरलैंड ने पांच साल तक वैध बहु-प्रवेश वीजा की सुविधा देने वाले प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते (MMP) पर हस्ताक्षर किए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच नई दिल्ली में हुई बातचीत के बाद यह समझौता हुआ.

इसका मकसद दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही आसान करना और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है. स्विट्जरलैंड 2027 में जिनेवा में वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

पार्मेलिन ने कहा कि वह इस सम्मेलन में भारत की भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं. #WATCH | Delhi: On ANI's question, MEA Secretary (West) Sibi George says, "On the investment projects, there was this agreement to have an investment to the tune of 100 billion dollars in the next 15 years.

You know, this is a commitment.

These commitments create an important… pic.twitter.com/VZH277G1bx — ANI (@ANI) October 5, 2026 5 साल मल्टी एंट्री वीजा है खास विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते के तहत 5 साल तक के लिए मल्टीपल एंट्री वीजा की सुविधा मिलेगी.

छात्रों के लिए एक साल का परमिट दिया जाएगा, जिसे जरूरत के अनुसार रिन्यू कराया जा सकेगा.

इसके अलावा, रोजगार और युवाओं की बेहतर आवाजाही के लिए भी एक तय व्यवस्था बनाई जाएगी. भारत और स्विट्जरलैंड के बीच हुए 6 प्रमुख समझौतों में यह अहम समझौता है.

दोनों देशों का लक्ष्य आपसी संबंधों को मजबूत करने के साथ निवेश को बढ़ावा देना भी है. पात्र लोगों को एक बार वीजा मिलने के बाद यह 5 साल तक वैध रहेगा. इस दौरान वे बार-बार स्विट्जरलैंड और शेंगेन क्षेत्र की यात्रा कर सकेंगे.

हर यात्रा से पहले नए वीजा के लिए आवेदन करने और फीस देने की जरूरत नहीं होगी. 15 साल में 100 अरब डॉलर का निवेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध सदियों पुराने हैं.

उन्होंने कहा कि आज इन रिश्तों की नींव नवाचार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों पर मजबूत हो रही है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश लाने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है.

मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, बातचीत और कूटनीति में विश्वास रखते हैं. दोनों देश वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.

उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति के प्रयासों का भी समर्थन किया.

प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर चर्चा की है.

इसमें सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा निर्माण और सहयोग के साथ परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास शामिल हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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