एयर इंडिया एक्सप्रेस का एयर इंडिया में होगा विलय, यात्रियों की जेब पर होगा असर?
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अगर आप भी एयर डंडिया से विमान यात्रा करते हैं तो आने वाले कुछ दिनों में एयर इंडिया में कुछ बदलाव देखने को मिलने वाले हैं.
कंपनी कि नई लिडरशिप खर्चा कम करने और अधिकतर कामकाज को कम करने के लिए विचार कर रहीं हैं. अभी इस पर बदलाव करन् पर चर्चा चल रही है, फैसला होने में अभी समय है.
एयर इंडिया के CEO टेवोल्डे गेबरियाम ने जब अलग-अलग विभाग के साथ बात कि तो उनका कहना है कि एयरलाइंल को दो अलग ऑपरेटिंग परमिट के साथ चलाने कि आखिर आवश्यकता क्या है, उनका यह भी मानना है कि अगर वह दोनों को एक ही ढांचे में ला दिया जाये तो कुछ खर्चे पर हो सकते हैं.
दो अलग- अलग कंपनियों में कई कामों के लिए अलग- अलग कर्मचारियों कि जरूरत पड़ती है. इसमें मेनेजमेंट, इंजीनियरिंग और प्रशासन से जुड़े काम भी शामिल रहते है.
यही व्यवस्था अगर एक हो जाये तो इस दोहराव को कम किया जा सकता है.
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अभी शुरुआती स्तर पर है योजना
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को जोड़ने कि योजना अभी शुरुआती चरण पर है.
बताया जाता है कि इसे जोड़ने के लिए कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड कि मंजूरी लेनी बहुत जरूरी है.
रिपोर्स के मुताबिक अगर दोनों एयरलाइंस का विलय होता है तो एयर इंडिया एक्सप्रेस का ब्रांड नाम बरकरार रखा जा सकता है.
बढ़ते घाटे के बीच लागत कम करने कि कोशिश एयर इंडिया के सामने इस समय पैसों कि कमी का दबाव भी है.
साल 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 22,238.23 करोड़ हो गया था, जबकि एक साल पहले 10,858.83 करोड़ था. इन आंकड़ों में एयर इंडिया एक्सप्रेस का वित्तीय प्रदर्शन शामिल था.
नयें CEO के लिए नई चुनोतियां
टेवोल्डे गेबरियाम पूर
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar