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फर्जी ई-चालान मैसेज से रहें सावधान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
फर्जी ई-चालान मैसेज से रहें सावधान

साइबर ठग वाहन चालान के नाम पर SMS और WhatsApp के जरिए फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मैसेज में जुर्माना नहीं भरने पर कोर्ट केस, लाइसेंस रद्द होने जैसी धमकियां देकर संदिग्ध लिंक पर भुगतान करने या APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से बैंक खाते से पैसे चोरी होने और मोबाइल का डेटा लीक होने का खतरा है। वाहन चालक आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर जाकर अपने चालान की जांच करें। किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें और बैंक को सूचना दें।

जयपुर, 29 अक्टूबर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच वाहन चालकों को फर्जी ई-चालान मैसेज से सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर ठग SMS और WhatsApp के जरिए लोगों को मैसेज भेज रहे हैं कि उनके वाहन का चालान बकाया है। जुर्माना नहीं भरने पर कोर्ट केस होने या ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने जैसी धमकियां देकर मैसेज में दिए गए लिंक पर तुरंत भुगतान करने के लिए कहा जाता है।

ऐसे मैसेज के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा सकता है। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या उसके जरिए APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी चोरी होने और बैंक खाते से पैसे निकलने का खतरा रहता है। फर्जी ई-चालान मैसेज की पहचान के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर किसी अनजान नंबर से मैसेज आता है, उसमें अजीब या संदिग्ध लिंक दिया गया है, या फिर आज ही भुगतान करने जैसी जल्दबाजी दिखाई जाती है, तो सतर्क हो जाएं।

इसके अलावा, सरकारी वेबसाइट जैसा दिखने वाला लिंक भी ध्यान से जांचें, क्योंकि ठग असली वेबसाइट से मिलते-जुलते फर्जी लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं। वाहन चालान की जानकारी प्राप्त करने के लिए मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर खुद जाएं और अपने वाहन का चालान जांचें।

किसी भी अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड न करें। साथ ही, किसी के साथ अपना OTP, UPI पिन, कार्ड नंबर या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अगर कोई मैसेज संदिग्ध लगता है, तो उस पर क्लिक करने से बचें। ऐसे मैसेज को डिलीट करें और संबंधित नंबर को ब्लॉक करें। साइबर अपराध से जुड़ी शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है।

वहीं, अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है या उसके खाते से पैसे कट जाते हैं, तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करना चाहिए और अपने बैंक को भी तुरंत सूचित करना चाहिए। जल्द शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बेहतर हो सकती है।

इसलिए वाहन चालकों को सलाह है कि ई-चालान के नाम पर आने वाले किसी भी मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पहले आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करें और साइबर ठगी से बचने के लिए इन सावधानियों को अपनाएं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

फर्जी ई‑चालान मैसेज से लोगों को धोखा देने के लिए साइबर ठग वाहन चालान के नाम पर SMS और WhatsApp के जरिए धमकी भरे संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों में जुर्माना न भरने पर कोर्ट केस, लाइसेंस रद्द होने जैसी चेतावनी देकर संदिग्ध लिंक पर भुगतान करने या APK फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह विषय है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी बढ़ रही है और सच्चे सरकारी वेबसाइटों के नाम का दुरुपयोग हो रहा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाती है और लोगों को फर्

🎙️ जनता का संदेश का मत

साइबर ठगों के फर्जी ई‑चालान संदेश से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर ही भुगतान करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले प्रेषक की पहचान जाँचें, और अनजाने ऐप्स डाउनलोड न करें। यदि आपने गलती से भुगतान किया हो, तो तुरंत बैंक से संपर्क कर फंड फ्रीज कराएँ और पुलिस को रिपोर्ट करें। जागरूकता फैलाएँ—सावधानी और सही सूचना से हम सभी को साइबर अपराध से बचा सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।