फर्जी दस्तावेजों से एमबीबीएस दाखिले मामले में दो और गिरफ्तार
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28 सितम्बर 2026, देहरादून: देहरादून में नीट-यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिले के मामले में एसआईटी ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय कुमार और गिरीश सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेंटाउन थाने में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
जांच के दौरान एसआईटी ने संबंधित शिक्षण संस्थानों से दस्तावेज कब्जे में लेकर उनका परीक्षण किया। जांच में अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। पुलिस के अनुसार, संजय कुमार और गिरीश सिंह ने तीन अभ्यर्थियों के फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार कराने में सहयोग किया और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के एवज में धनराशि प्राप्त की।
इस मामले में एसआईटी पहले ही रुपेश पंडित, अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की इस मामले पर जांच जारी है।
संलग्न- फोटो एवं वीडियो
कैप्शन- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिले के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
🎙️ जनता का संदेश का मत
सत्य और पारदर्शिता ही समाज की नींव है। जब कोई फर्जी दस्तावेज़ से अपनी पहचान बदलने की कोशिश करता है, तो वह न केवल अपने भविष्य को खतरे में डालता है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज के विश्वास को भी तोड़ता है। हमें हर स्तर पर सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देना चाहिए और शिक्षा प्रणाली में निगरानी को सुदृढ़ करना चाहिए। इस तरह हम एक सच्चे, न्यायपूर्ण और समृद्ध समाज का निर्माण कर सकते हैं।