अपराध

फर्जी IAS तृप्ति ने AI से तैयार कराए ज्वाइनिंग लेटर:भाई के साथ नौकरी के नाम पर की ठगी, टूरिस्ट गाइड से भी लिए 3 लाख

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
फर्जी IAS तृप्ति ने AI से तैयार कराए ज्वाइनिंग लेटर:भाई के साथ नौकरी के नाम पर की ठगी, टूरिस्ट गाइड से भी लिए 3 लाख

फर्जी IAS तृप्ति सिंह मामले की जांच में एक और अहम खुलासा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि तृप्ति और उसके भाई सुधांशु नौकरी के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। उनके लिए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और दस्तावेज साथी प्रखर तैयार करता था। प्रखर इन दस्तावेजों को तैयार करने में AI की मदद लेता था।

चंदेरी पुलिस ने प्रखर को लखनऊ से गिरफ्तार कर उसका लैपटॉप जब्त किया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। पुलिस को अनुमान है कि प्रखर के लैपटॉप और दूसरे डिजिटल डिवाइस की जांच से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के तरीके और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है। इधर, आरोपी भाई-बहन तृप्ति और सुधांशु को 3 सितंबर को भोपाल की बाग सेवनिया पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।

दोनों 7 सितंबर तक रिमांड पर हैं। इस दौरान उन्होंने कई अहम खुलासे किए हैं। इनमें चंदेरी के टूरिस्ट गाइड से बेटी की नौकरी के लिए 3 लाख रुपए ठगने का मामला भी है। साथ ही दोनों ने बताया है कि कैसे मजे के लिए शुरू किया काम बाद में लोगों को ठगने में तब्दील हो गया। पहले मजे के लिए शुरू किया, फिर ठगी का तरीका बना पूछताछ में तृप्ति और उसके भाई ने फिलहाल दो ठगी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

तृप्ति ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में उसने खुद को IAS बताकर सरकारी अधिकारियों और दूसरे लोगों के बीच प्रभाव बनाने का काम सिर्फ मजे के लिए शुरू किया था। इसके बाद जब वह इसी पहचान के भरोसे सरकारी रेस्ट हाउस और टूरिज्म स्पॉट तक पहुंचने में सफल होने लगी तो उसका आत्मविश्वास बढ़ गया। बाग सेवनिया पुलिस के मुताबिक- इसके बाद उसने इस पहचान का इस्तेमाल ठगी के लिए करना शुरू कर दिया।

तृप्ति और उसका भाई ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिन्हें सरकारी नौकरी की जरूरत थी। इसके बाद उन्हें सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर रकम मांगी जाती थी। इसी के साथ रसूख का दिखावा कर बड़े कारोबारियों से मुलाकात कराने का काम भाई करता था। उन्हें होटलों और रिजॉट का ठेका दिलाने का झांसा देकर ठगा जाता था।

प्रखर तैयार करता था फर्जी दस्तावेज जांच में सामने आया है कि ठगी को विश्वसनीय दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी प्रखर की थी। पुलिस के मुताबिक वह AI की मदद से ज्वाइनिंग लेटर और दूसरे दस्तावेज तैयार करता था। इन दस्तावेजों में सरकारी विभागों और अधिकारियों के नाम-पद का इस्तेमाल कर पीड़ितों को भरोसा दिलाने की कोशिश की जाती थी।

चंदेरी पुलिस ने प्रखर के कब्जे से लैपटॉप जब्त किया है। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स की जांच करा रही है। डिजिटल फोरेंसिक जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, उन्हें किन लोगों को भेजा गया और इनके लिए किन डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया गया। गाइड से बेटी की नौकरी के नाम पर लिए 3 लाख चंदेरी के किला कोठी में तृप्ति की मुलाकात एक गाइड से हुई थी।

पुलिस के मुताबिक इसी दौरान उसने गाइड को अपनी पहचान IAS अधिकारी के तौर पर बताई और उसकी बेटी की MP Tourism (MPT) में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बदले उससे तीन लाख रुपए लिए गए। तृप्ति ने गाइड के मोबाइल नंबर पर अपने मोबाइल से ज्वाइनिंग लेटर भेजा था। जांच में यह भी सामने आया है कि ज्वाइनिंग लेटर भेजने के करीब 37 मिनट बाद उसे डिलीट कर दिया गया।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दस्तावेज किस डिवाइस पर तैयार हुआ था और उसे भेजने के बाद डिलीट करने का फैसला किसने लिया। AI से दस्तावेज बनाने की पुलिस को मिली पुष्टि चंदेरी SDOP महेश शर्मा के मुताबिक अब तक की पूछताछ में प्रखर द्वारा AI का इस्तेमाल कर फर्जी लेटर तैयार करने की पुष्टि हुई है।

पुलिस ने उसके लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। इनकी जांच के बाद फर्जी दस्तावेजों की संख्या और इनके इस्तेमाल से जुड़े मामलों का पता चल सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तृप्ति, उसके भाई और प्रखर के बीच किस तरह संपर्क होता था और दस्तावेज तैयार होने के बाद उन्हें पीड़ितों तक कैसे पहुंचाया जाता था।

पुलिस की जांच में प्रखर द्वारा भी चंदेरी में तृप्ती और उसके भाई के साथ ठहरने के प्रमाण मिले हैं। भोपाल पुलिस खंगाल रही रकम का पूरा ट्रेल इधर, बागसेवनिया पुलिस तृप्ति और उसके भाई से पूछताछ कर ठगी की रकम का पूरा ट्रेल खंगाल रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि पीड़ितों से पैसा कितनी बार में लिया गया, किस-किस माध्यम से लिया गया और रकम किन बैंक खातों या लोगों तक पहुंची।

पुलिस को उम्मीद है कि बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल चैट और जब्त डिजिटल डिवाइस की जांच से सामने आए दो मामलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से ठगी किए जाने के सबूत भी मिल सकते हैं। प्रखर को भोपाल लाकर पूछताछ किए जाने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।

ये खबरें भी पढ़ें...

फर्जी IAS तृप्ति और भाई को लेकर कई खुलासे खुद को कभी IAS तो कभी बड़े सरकारी विभाग की अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाली तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुभाष राजपूत से पूछताछ में ठगी के नए मामले सामने आ रहे हैं। चंदेरी पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर भोपाल पहुंची और उनके ठिकाने की तलाशी ली। पूरी खबर यहां पढ़ें...

फर्जी आईएएस ने वीडियो बनाने वाली युवतियों को भी ठगा भोपाल में फर्जी आईएएस बनकर लोगों को नौकरी और सरकारी काम दिलाने का झांसा देने वाली तृप्ति सिंह का फर्जीवाड़ा अब उसके वायरल वीडियो से भी जुड़ गया है। जिस वीडियो में उसके साथ बैतूल की दो युवतियां खुद को आईएएस अधिकारी बता रही थीं, पुलिस जांच में वही युवतियां तृप्ति की ठगी का शिकार निकली हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...

खुद को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) में एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली ठग तृप्ति सिंह पर चौथा केस हो गया है। MPSTDC का होटल लीज पर दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपए ठगने की ये FIR भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज की गई है। इसमें तृप्ति का भाई सुधांशु सिंह और साथी प्रखर सहआरोपी हैं। भोपाल के अलावा अशोकनगर में भी तृप्ति और उसके साथियों पर दो मामले हैं।पूरी खबर पढ़ें

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

🎙️ जनता का संदेश का मत

जालसाजी और धोखाधड़ी से समाज का विश्वास टूटता है, परंतु सही रास्ता चुनकर हम इसे फिर से बना सकते हैं। जब भी किसी को नौकरी या अवसर का वादा मिले, उसकी प्रामाणिकता जाँचें—स्रोत, दस्तावेज़ और पृष्ठभूमि की पुष्टि करें। शंकाओं पर कानूनी सलाह लें, और यदि कोई अनियमितता दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करें। पीड़ितों को सहानुभूति और समर्थन दें, ताकि वे पुनः आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।