फीचर्स एक से बढ़कर एक, फिर भी नहीं चला बिजनेस, रिटायर हुआ दुनिया का सबसे लंबा विमान
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हवाई यात्रा की दुनिया में कुछ विमान अपनी तकनीक के कारण इतिहास बनाते हैं, जबकि कुछ अपनी अनोखी बनावट के लिए याद किए जाते है.
एयरबस A340-600 ऐसा ही एक विमान है, जिसने अपने विशाल आकार और चार इंजनों से अलग पहचान बनाई.
आधुनिक विमानन उद्योग में अब इसकी उपयोगिता लगातार कम होती जा रही है.
जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा की आखिरी नियमित यात्री उड़ान के साथ इस विमान के एक लंबे अध्याय का अंत हो गया है.
75.3 मीटर लंबाई ने बनाया खास
एयरबस A340-600 की लंबाई करीब 75.3 मीटर थी.
साल 2002 में व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने के समय यह दुनिया का सबसे लंबा यात्री विमान बना था. बाद में बोइंग 747-8 ने इसका रिकॉर्ड तोड़ दिया.
चार रोल्स-रॉयस इंजनों से चलने वाले इस विमान को लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए तैयार किया गया था.
इसकी विशाल बनावट के कारण एयरपोर्ट पर इसे मोड़ने और खड़ा करने के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत पड़ती थी.
23 साल बाद लुफ्थांसा ने कहा अलविदा
लुफ्थांसा ने 18 अक्टूबर 2026 को एयरबस A340-600 के साथ अपनी नियमित यात्री सेवाएं समाप्त कर दीं.
वॉशिंगटन से फ्रैंकफर्ट पहुंचने वाली फ्लाइट LH419 इस विमान की एयरलाइन के साथ आखिरी निर्धारित व्यावसायिक उड़ान बनी. करीब आठ घंटे पांच मिनट की यात्रा के बाद विमान अपने गंतव्य पर पहुंचा.
लुफ्थांसा ने 23 सालों के दौरान इस मॉडल के 24 विमानों का इस्तेमाल किया.
कंपनी के अनुसार, इन विमानों ने चार करोड़ से ज्यादा यात्रियों को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया.
चार इंजन बने परेशानी की वजह
विमान की लोकप्रियता के बावजूद इसका संचालन महंगा पड़ता था. चार इंजनों के कारण ईंधन की खपत और रखरखाव का खर्च ज्यादा था.
इसी दौरान बोइंग 777 जैसे दो इंजन वाले विमानों ने लंबी दूरी की उड़ानों में किफायती विकल्प उपलब्ध कराए.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar