फिटनेस 365 डिग्री के संचालक ने जमा किए 50 लाख:पांच सेंटर पर सीजीएसटी की रेड में निकली एक करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →राजधानी के फिटनेस 365 डिग्री पर सेंट्रल जीएसटी (सीजीसीटी) द्वारा की गई रेड कार्यवाही के बाद जिम संचालक हुजेफा कुरैशी ने टैक्स चोरी के 50 लाख रुपए जमा कर दिए हैं। सीजीएसटी की छापेमारी में एक करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है और अभी भी सीजीएसटी अफसरों की टीम दस्तावेजों की छानबीन कर रही है ताकि अन्य गड़बड़ी सामने लाई जा सके।
उधर रेड की कार्रवाई पूरी होने के बाद पांचों सेंटर ओपन कर दिए गए हैं। भोपाल में सेंट्रल जीएसटी की टीम द्वारा जिम सेंटर फिटनेस 365 डिग्री पर सोमवार से जांच पड़ताल शुरू की थी। यह कार्रवाई मंगलवार तक चली और जांच पूरी होने तक सोमवार-मंगलवार की रात सीजीएसटी टीम ने पांचों फिटनेस सेंटर को सील रखा था।
इस कार्रवाई के दौरान पता चला था कि जिम सेंटर संचालक के द्वारा बिल नहीं काटे जा रहे थे और इसके जरिये ही टैक्स चोरी की जा रही है। जिम मालिक हुजेफा कुरैशी के भोपाल शहर में चूनाभट्टी, कोहेफिजा, बावड़िया कलां, सिंधी कालोनी और जेके रोड समेत पांच अलग-अलग प्रतिष्ठान हैं। अफसरों के अनुसार जीएसटी नियमों में सितम्बर 2025 में किए गए बदलाव के बाद टैक्स क्रेडिट देने की व्यवस्था बंद है और ऐसी संस्थाओं को 5 प्रतिशत टैक्स देने का प्रावधान है जो जिम संचालक के द्वारा नहीं दिया जा रहा था।
इसलिए सीजीएसटी की टीम ने यह कार्यवाही की। इसके पहले ऐसे प्रतिष्ठानों से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता था। रात में सील कर दिए गए थे जिम 365 डिग्री के प्रतिष्ठान सेंट्रल जीएसटी की टीम ने यह कार्रवाई सोमवार से शुरू की थी और शाम तक जांच पूरी नहीं होने पर रात में जिम 365 के प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया था।
मंगलवार को फिर इन प्रतिष्ठानों में अधिकारी पहुंचे और दस्तावेजों की जांच की आगे की कार्रवाई पूरी करने के बाद ओपन किया है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
टैक्स चोरी से जुड़ी इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि आर्थिक अनुशासन और पारदर्शिता समाज की नींव को सुदृढ़ करती है। यदि किसी को वित्तीय विवाद का सामना करना पड़े तो उसे कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए, न कि चोरी या गुप्त तरीकों से। इस तरह की गलतियों से न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा धूमिल होती है, बल्कि समाज का भरोसा भी टूटता है। हमें अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।