खेल

फ्लाईदुबाई फ्लाइट के 7 फरिश्ते, जान पर खेलकर हमलावर को दबोचा, नाकाम की साजिश

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
फ्लाईदुबाई फ्लाइट के 7 फरिश्ते, जान पर खेलकर हमलावर को दबोचा, नाकाम की साजिश

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था. 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन को एक ओमानी पायलट ने क्रैश कराने की क्रूर साजिश को अंजाम देने की कोशिश की.

जिसे भारत के कैप्टन स्मित मछार और अन्य लोगों ने मिलकर नाकाम कर दिया था.

ऐसे में हम आपको दुबई के उन 7 फरिश्तों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने इस आत्मघाती कदम और बहुत बड़ी घटना को होने से रोक दिया था.

फ्लाईदुबई फ्लाइट के 7 फरिश्ते इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा जो नाम उभर कर आया, वो था भारत के बहादुर कैप्टन स्मित मछार का, जिन्होंने सहायक ओमानी पायलट के हमलों को सहकर भी कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और विमान को कंट्रोल किया.

दूसरा फरिश्ता 46 साल की महिला ताली मेन्स हैं.

ताली की 5 साल की बेटी नीना कॉकपिट के बाहर एक टॉयलेट में थी, और ताली बाहर खड़ी थीं. ताली ने कॉकपिट के अंदर चीखें और आवाजें सुनीं थी. तीसरा फरिश्ता जो थीं, वो यूनिफॉर्म स्टार असॉल्ट पायलट.

ताली ने इस पायलट को बुलाया और आवाजों की जांच करने को कहा. इस सहायक पायलट ने दरवाजा खींचकर खोला, जिसे कैप्टन स्मित ने अनलॉक कर दिया था. कॉकपिट के अंदर खून था. ओमानी को-पायलट कैप्टन स्मित पर हमला कर रहा था.

अंदर का नजारा देखकर ताली मेन्स जोर से चीखीं. चीख सुनकर चार निहत्थे इजरायली यात्री तेजी से अंदर गए. हमलावर फर्स्ट ऑफिसर को काबू में किया.

घायल कैप्टन स्मित को फर्स्ट एड दी, जिसके बाद बैकअप पायलट ने अंदर जाकर प्लेन को काबू में किया और सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड करवाया. ये चार निहत्थे इजरायली यात्री ही बाकी के चार फरिश्ते थे.

चौथा फरिश्ता था यानीव हायोन, जो 11वीं रो में बैठे थे. पेशे से प्लंबर, जिन्हें एयर क्रैश इंवेस्टिगेशन से जुड़े शो देखने का शौक है.

इनके अलावा पांचवा फरिश्ता सातवीं रो में बैठे असफ रजौन, जो पेशे से फाइनेंशियल प्लानर है.

पिछले साल ही मौत के मुंह से बचे थे, जब एक ईरानी मिसाइल उनके बगल की इमारत में गिरी थी. छटा फरिश्ता ट्विका मेन, जो पहली रो में बैठे थे. बैंकिंग कर्मचारी. परिवार के साथ जापान से दो हफ्ते की छुट्टी मनाकर आ रहे थे.

सातवां फरिश्ता शोता मुसाएव 13वीं रो में बैठे डेंटिस्ट, जो चीन से अपनी पत्नी के साथ छुट्टी मनाकर लौट रहे थे.

सभी को लगा कि आतंकवादी हमले में मरने वाले हैं न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि सभी पैसेंजर को लगा कि वो एक आतंकवादी हमले में मरने वाले हैं, लेकिन एक भारतीय पायलट और मुट्ठी भर इजरायलियों की वीरता की कहानी बन गई.

चश्मदीदों ने बताया कि फ्लाइट डेक पर चारों तरफ खून फैला था, फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन को बार-बार चाकू मार रहा था.

ऐसे में इन चार इजरायली यात्रियों ने सभी का ध्यान खींचा है, जिन्होंने हमलावर को काबू किया और कैप्टन को फर्स्ट एड दिया.

दूसरे बैकअप पायलट के लिए प्लेन का कंट्रोल लेकर उसे सऊदी अरब में सुरक्षित उतारना मुमकिन बनाया.

जमीन पर गिरे लेकिन संघर्ष करते रहे कैप्टन मछार इस दौरान कैप्टन स्मित मछार ने जमीन पर गिरकर अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की हिम्मत दिखाई. इससे उन यात्रियों की जान बचाना मुमकिन हुआ.

इजरायलियों ने पूरे घटनाक्रम पर कहा है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के दौरान हुई बेबसी और लाचारी याद आ गई. कैसे आम इजराइलियों ने अपनी और एक दूसरे की रक्षा के लिए कदम उठाए थे. सरकार उनकी सुरक्षा में नाकाम रही थी.

कुछ लोगों ने इस घटनाक्रम को 9/11 के हमलों की याद दिला दी.

उन्हें बिना हिचकिचाहट के कदम उठाने के लिए प्रेरित किया.विमान में सभी यात्री एशिया या अफ्रीका की लंबी यात्राओं से लौट रहे थे.

कुछ लोगों ने बताया कि इजरायली विरोधी भावना और यहूदी विरोधी सोच का सामना न हो, इस वजह से स्टार ऑफ डेविड वाले नेकलेस छिपाने पड़े. लोगों से कहना पड़ा कि वे दूसरे देश से हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान पर एक ओमानी पायलट ने क्रैश कराने की साजिश रची। इस खतरनाक योजना को भारत के कैप्टन स्मित मछार और अन्य भारतीय पायलटों ने मिलकर नाकाम किया। यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि किसी भी विमान पर ऐसे हमले का खतरा हमेशा बना रहता है। आम जनता को यह संदेश मिलता है कि पायलटों की दक्षता और टीम वर्क से बड़े हादसे टाले जा सकते हैं, और विश्वसनीय सुरक्षा प्रणालियों की महत्ता स्पष्ट होती है।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।