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फ्लाईदुबई की उड़ान में हमले का शिकार हुए भारतीय कैप्टन ने सुनाई आपबीती

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
फ्लाईदुबई की उड़ान में हमले का शिकार हुए भारतीय कैप्टन ने सुनाई आपबीती

अक्टूबर 19, नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान में जानलेवा हमले का सामना करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने घटना के दौरान के भयावह अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि हमलावर ने उनके सिर पर लगातार वार किए। खुद को बचाने की कोशिश में उनका हाथ भी घायल हो गया। कुछ देर के लिए वह बेहोश हो गए और जब होश आया, तो उन्हें विमान तेजी से नीचे की ओर जाता महसूस हुआ।

कैप्टन स्मित मच्छार के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान की संरचना में कोई खराबी आई है और कोई हिस्सा उनके सिर पर गिर रहा है। लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें एहसास हुआ कि स्थिति सामान्य नहीं है। उन्होंने खुद को सीट बेल्ट से अलग कर हमले को रोकने की कोशिश की और मदद के लिए आवाज लगाई।

उन्होंने बताया कि इसके बाद वह बेहोश होकर कॉकपिट में गिर पड़े। इसी दौरान उन्हें कॉकपिट का दरवाजा खुलने की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर बाद इंजन की आवाज कम होने लगी और विमान का अगला हिस्सा तेजी से नीचे की ओर झुकता महसूस हुआ। कैप्टन ने कहा कि उस वक्त उन्हें यकीन नहीं था कि वह इस घटना में जीवित बच पाएंगे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

हालांकि, अन्य पायलटों ने समय रहते विमान का नियंत्रण संभाल लिया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया। कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा कि उन्होंने अपने नियंत्रण में जो कुछ था, उसे करने की पूरी कोशिश की और जब नियंत्रण अन्य पायलटों के हाथ में आया, तो उन्होंने भी सही कदम उठाए। उन्होंने इस अनुभव से आगे बढ़ने और उन परिस्थितियों पर ध्यान देने की बात कही, जिन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

फ़ाइल फ़ोटो

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।