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फ्लाइट के महंगे किराए पर सरकार का कंट्रोल नहीं, लेकिन 1 जनवरी से देना होगा पूरा हिसाब

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
फ्लाइट के महंगे किराए पर सरकार का कंट्रोल नहीं, लेकिन 1 जनवरी से देना होगा पूरा हिसाब

अगर आप फ्लाइट से सफर करते हैं तो 1 जनवरी 2027 से टिकट बुक करने का तरीका थोड़ा बदलने वाला है. अब एयरलाइंस को टिकट की कीमत का पूरा ब्योरा यात्रियों के सामने रखना होगा.

यानी टिकट का बेस फेयर कितना है टैक्स कितना है और दूसरी फीस कितनी लग रही है, यह सब साफ-साफ दिखाई देगा.

लेकिन यहां एक बड़ा सवाल है. क्या इससे हवाई टिकट सस्ते हो जाएंगे?

इसका जवाब है- जरूरी नहीं.

क्योंकि नए नियमों में सरकार ने हवाई किराए की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की है यानी एयरलाइंस पहले की तरह अपनी मर्जी से किराया तय कर सकेंगी.

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नए नियम क्या हैं और इनका यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा.

1.

अब टिकट की कीमत का पूरा हिसाब मिलेगा

अक्सर फ्लाइट टिकट बुक करते समय शुरुआत में किराया कुछ और दिखाई देता है लेकिन पेमेंट करने तक उसमें कई तरह के चार्ज जुड़ जाते हैं !

नए नियमों के तहत एयरलाइंस को टिकट की कीमत का पूरा ब्रेकअप देना होगा.

इसमें शामिल होंगे:

बेस फेयर यानी टिकट का मूल किराया

सरकारी टैक्स और दूसरे शुल्क

एयरलाइन की तरफ से लगाए गए चार्ज

टिकट कैंसिल कराने पर लगने वाला शुल्क

रिफंड मिलने की शर्तें.

इसका मतलब है कि यात्री को टिकट बुक करने से पहले ही पता चल सकेगा कि वह किस चीज के लिए कितना पैसा दे रहा है.

2.

क्या अब हवाई टिकट महंगे नहीं होंगे?

यहां सबसे जरूरी बात समझने वाली है.सरकार ने टिकट की कीमत दिखाने के नियम तो सख्त किए हैं, लेकिन किराए पर कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की है यानी एयरलाइंस को यह आजादी बनी रहेगी कि वे अपनी मांग, उपलब्ध सीटों और दूसरे कारोबारी पहलुओं के हिसाब से किराया तय करें.

उदाहरण के लिए अगर किसी त्योहार या छुट्टी के दौरान दिल्ली

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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