फ्रीज में सिर, कटी हुई उंगली... गुवाहाटी फ्लैट में महिला की लाश और पति का सरेंडर
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असम के गुवाहाटी के बेलटोला स्थित बशिष्ठापुर बाइलने-4 में एक महिला की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है.
महिला का शव उसके अपार्टमेंट के अंदर मिला, जबकि उसका कटा हुआ सिर फ्रिज के अंदर बरामद किया गया. मृतका की पहचान रिया तालुकदार के रूप में हुई है. वह नूनमती की रहने वाली थीं और फैंसी बाजार स्थित ए.सी.
मार्केट में एक बुटीक में काम करती थी.
बताया जा रहा है कि रिया अपने पति रामानुजन गोस्वामी के साथ अंजलि गृह अपार्टमेंट के हाउस नंबर 14 में करीब 6 महीने से रह रही थी.
अपार्टमेंट से दुर्गंध आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद हाटीगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की. बाद में मामले की जांच सीआईडी ने अपने हाथ में ले ली.
रामानुजन गोस्वामी ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद से रामानुजन गोस्वामी के फरार होने की खबर थी.
हालांकि सोमवार तड़के उसने हाटीगांव थाने में आत्मसमर्पण कर दिया.
रामानुजन मूल रूप से असम के धुबरी जिले के गौरीपुर के रहने वाला है और उबर चालक के रूप में काम करता है.
पड़ोसियों के अनुसार, शनिवार को अपार्टमेंट से तेज आवाजें और चीख-पुकार सुनाई दी थी. उन्होंने बताया कि अंदर से केवल रामानुजन की आवाज सुनाई दे रही थी. वह कथित तौर पर डरा हुआ था.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रामानुजन को शनिवार रात करीब 8 बजे आखिरी बार देखा गया था. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि दंपति के बीच अक्सर विवाद होता था.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शनिवार रात रामानुजन के आखिरी बार देखे जाने के बाद अपार्टमेंट के अंदर क्या हुआ था. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था.
कमरे में जगह-जगह खून के निशान मिले और घर का सामान बिखरा हुआ था.
सिर धड़ से अलग प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की गर्दन पर कथित तौर पर दाओ से हमला किया गया.
इसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर काले रंग की पॉलीथिन में रखा गया और फिर फ्रिज के अंदर छिपा दिया गया. महिला का बाकी शव बिना कपड़ों के मिला. उसके हाथों की उंगलियां भी
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ जनता का संदेश का मत
गुवाहाटी की इस भयानक घटना से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू विवादों को कानूनी मार्ग से सुलझाना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। हिंसा कभी समाधान नहीं देती, बल्कि दर्द और भय को बढ़ाती है। समाज को चाहिए कि वह संवाद, परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करे, ताकि संघर्षों को शांति से हल किया जा सके। रिया की याद में हम सभी को सहानुभूति और जागरूकता के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करना चाहिए।