अब गाड़ियों में 20% से ज्यादा डलेगा एथेनॉल, PM मोदी के सलाहकार ने की पुष्टि
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सरकार फ्लेक्सी-फ्यूल वाहनों की मदद से मौजूदा E20 के लेवल से ज्यादा इथेनॉल ब्लेंडिंग की इजाजत देने की तैयारी कर रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने बुधवार को इसकी जानकारी दी.
सरकार का ऐसा मानना है कि चूंकि अब देश में इथेनॉल का उत्पादन हमारी मौजूदा जरूरतों से अधिक होने लगा है इसलिए अब E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) की सीमा को पार कर आगे बढ़ने का सही समय आ गया है.
'द इंडिया शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026' के चौथे एडिशन को वर्चुअली संबोधित करते हुए तरूण कपूर ने कहा कि E20 प्रोग्राम अब तक बहुत सफल रहा है और कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने जल्द ही फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां लॉन्च करने के अपने प्लान का जिक्र किया है.
उन्होंने कहा, "अब हमारा फोकस फ्लेक्सी-फ्यूल वाहनों को लाने और E20 से ज्यादा परसेंट तक ब्लेंडिंग की अनुमति देने पर है." उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वाहनों के आने के साथ-साथ फ्यूल आउटलेट्स पर शुद्ध इथेनॉल की उपलब्धता भी बढ़ानी होगी.
सरकार की नई नीति का मकसद
पीएम मोदी के सलाहकार ने आगे यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच बायोफ्यूल को बढ़ावा देना और भी जरूरी हो गया है.
इस संकट ने सप्लाई को बाधित किया है और कच्चे तेल की कीमतों को लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा दिया है, साथ ही इनके और बढ़ने की आशंका भी है.
चूंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 80% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है इसलिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए चिंताजनक है क्योंकि इससे इम्पोर्ट में खर्च ज्यादा आएगा, डॉलर अधिक खर्च होंगे और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा.
अब जब इस बीच देश में चीनी और मक्के से बनने वाले इथेनॉल की उत्पादन क्षमता बढ़ी ही है, तो इस अतिरिक्त इथेनॉल का इस्तेमाल क्यों न किया जाए.
इसे खपाने का सबसे बेहतरीन जरिया फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां हैं.
फ्लेक्सी-फ्यूल गाड़ियां
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar