गढ़वा में किन्नरों ने पहली बार की आदिशक्ति की पूजा
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गढ़वा में किन्नरों ने पहली बार की आदिशक्ति की पूजा, देश के विकास और प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए की कामना, नगर परिषद अध्यक्ष आशीष सोनी और श्रद्धालुओं ने सराहा आयोजन, भंडारे के साथ भव्य पंडाल में गूंजे मां के जयकारे।
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गढ़वा में किन्नरों ने पहली बार की आदिशक्ति की पूजा
देश के विकास और प्रधानमंत्री की दीर्घायु के लिए की कामना
नगर परिषद अध्यक्ष आशीष सोनी और श्रद्धालुओं ने सराहा आयोजन
भंडारे के साथ भव्य पंडाल में गूंजे मां के जयकारे
एंकर गढ़वा जिले में इस शारदीय नवरात्र के दौरान आस्था और सामाजिक समरसता की एक बेहद अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली है। जिले में पहली बार मंगलामुखी किन्नर समाज ने सोनपुरवा स्थित सार्वजनिक रूप से पंडाल का निर्माण कर माँ आदि शक्ति की भव्य प्रतिमा स्थापित की है।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 01. गढ़वा में पहली बार आयोजित सार्वजनिक दुर्गा पूजा को लेकर किन्नर समाज में उत्साह देखा जा रहा है। समाज की अध्यक्ष राधा किन्नर ने माँ आदि शक्ति के दरबार में माथा टेककर गढ़वा और पूरे देश की खुशहाली और प्रगति की कामना की।
वीओ 02. पंडाल का भ्रमण करने पहुँचे गढ़वा नगर परिषद के अध्यक्ष आशीष सोनी ने किन्नर समाज के इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मंगलामुखी समाज द्वारा की जा रही माँ आदिशक्ति की यह आराधना हम सभी सनातनियों को आपसी एकता, समरसता और समाज को एक नई दिशा देने की प्रेरणा देती है।
वीओ 03. इस अनोखे आयोजन में शामिल होने पहुँच रहीं स्थानीय श्रद्धालु नेहा गुप्ता ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि किन्नर समाज द्वारा की जा रही माँ की यह भक्ति देखकर उन्हें बेहद प्रसन्नता और आत्मिक संतोष मिला है।
अंतिम वीओ सोनपुरवा के नीमिया स्थान में सजे इस पंडाल और माँ आदिशक्ति की आराधना ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची भक्ति की कोई सीमा नहीं होती। किन्नर समाज का यह अनुष्ठान गढ़वा में आपसी प्रेम, सौहार्द और सनातन संस्कृति का एक नया प्रतीक बन गया है।
गढ़वा से विजेंद्र तिवारी की रिपोर्ट।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
गढ़वा में किन्नरों ने पहली बार आदिशक्ति की पूजा की, यह धार्मिक परंपरा को नया आयाम देती है। यह घटना स्थानीय समाज में आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक गर्व को दर्शाती है। किन्नरों का यह आयोजन, जो परंपरागत रूप से देवी-देवताओं की पूजा के लिए जाना जाता है, अब राष्ट्रीय विकास और प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना के साथ जुड़ गया है। इससे जनता में सामाजिक एकजुटता बढ़ेगी और धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही, यह स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन देगा, जिससे क्षेत्रीय विक