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गलती किसी की, खामियाजा किसी को… Gurugram में ऑर्डर को लेकर विवाद, 30-40 डिलीवरी पार्टनर्स पहुंचे थाने, क्या है पूरा मामला?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
गलती किसी की, खामियाजा किसी को… Gurugram में ऑर्डर को लेकर विवाद, 30-40 डिलीवरी पार्टनर्स पहुंचे थाने, क्या है पूरा मामला?

Gurugram Swiggy Instamart Controversy: हरियाणा के गुरुग्राम में ऑनलाइन ऑर्डर पहुंचाने वाले डिलीवरी पार्टनर्स के सामने एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया, जिसमें गलती किसी और की होने का आरोप है, लेकिन कथित तौर पर खामियाजा डिलीवरी बॉय को भुगतना पड़ रहा है.

चौमा गांव के स्विगी इंस्टामार्ट स्टोर से जुड़ा यह मामला शनिवार 26 सितंबर 2026 को पालम विहार थाने तक पहुंच गया.

करीब 30 से 40 डिलीवरी पार्टनर्स एक साथ थाने पहुंचे और स्टोर स्टाफ के खिलाफ लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की.

पैकेट में सामान कम होने का आरोप डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि चौमा गांव स्थित इंस्टामार्ट स्टोर में ग्राहकों के ऑर्डर पैक करते समय कथित तौर पर कुछ सामान पैकेट में कम कर दिया जाता है.

उनका कहना है कि डिलीवरी पार्टनर्स को पैक किए गए पैकेट के अंदर मौजूद सामान की पूरी जानकारी नहीं होती. वे स्टोर से सीलबंद पैकेट लेते हैं और उसे सीधे ग्राहक तक पहुंचाते हैं.

मुश्किल तब शुरू होती है, जब ग्राहक पैकेट खोलता और ऑर्डर में कोई सामान कम मिलता है.

डिलीवरी पार्टनर्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में ग्राहक उनसे ही जवाब मांगते हैं और कई बार गाली-गलौज या विवाद तक की नौबत आ जाती है. शिकायत के बाद ब्लॉक हो जाती है ID?

डिलीवरी पार्टनर संतोष ने आरोप लगाया कि ग्राहक जब ऑर्डर को लेकर ऐप पर शिकायत करते हैं तो कथित तौर पर बिना मौके की जांच किए डिलीवरी पार्टनर की ID ब्लॉक कर दी जाती है.

उनका कहना है कि ID बंद होने के बाद उनकी कमाई रुक जाती है और परिवार की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है.

डिलीवरी पार्टनर्स ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और स्टोर के CCTV फुटेज खंगाले जाएं.

उनका कहना है कि इससे पता चल सकता है कि पैकेट तैयार करते समय उसमें सामान कम हुआ या डिलीवरी के दौरान कोई गड़बड़ी हुई. 30-40 डिलीवरी पार्टनर्स पहुंचे थाने शनिवार को करीब 30 से 40 डिलीवरी बॉय पालम विहार पुलिस थाने पहुंचे.

उन्होंने लिखित शिकायत देकर कथित तौर पर स्टोर स्टाफ की लापरवाही और सामान कम किए जाने के आरोपों की जांच की मांग की. साथ ही ब्लॉक की गई ID दोबारा शुरू कराने में पुलिस से हस्तक्षेप की अपील की. स्टोर मैनेजर ने क्या कहा?

स्टोर मैनेजर रामकुमार ने कहा कि मेरा ऑपरेशन का काम है और सीधे तौर पर मेरा डिलीवरी पार्टनर से संपर्क नहीं होता. इनकी टीम इंचार्ज ही कुछ बता पाएंगे.

वहीं, टीम लीडर पंकज अग्रवाल से मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की.

फिलहाल शिकायत के आधार पर मामले में आगे की जांच और आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण है.

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📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ जनता का संदेश का मत

गुरुग्राम के डिलीवरी पार्टनर्स की इस घटना से हमें यह सीख मिलती है कि गलतफहमी और आरोपों के कारण किसी की प्रतिष्ठा और मनोबल पर गहरा असर पड़ सकता है। यदि किसी विवाद का सामना हो, तो शांतिपूर्वक संवाद, साक्ष्य जुटाना और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे सही रास्ता है। सहानुभूति और पारदर्शिता से काम लेने से न केवल व्यक्तिगत हित बचते हैं, बल्कि समाज में विश्वास और सहयोग की भावना भी बढ़ती है।

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