गांधी जयंती पर जयपुर ग्रामीण में विशेष ग्राम सभाएं, स्वच्छता का संदेश
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जयपुर ग्रामीण की सभी ग्राम पंचायतों में गांधी-शास्त्री जयंती पर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई। ग्राम सभाओं में स्वच्छता की शपथ के साथ सरकारी योजनाओं, जल व्यवस्था और ग्राम विकास योजना की समीक्षा की गई।
जयपुर, 02 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को जयपुर ग्रामीण की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। सांभरलेक, किशनगढ़ रेनवाल, जोबनेर, गोविंदगढ़, जालसू, आमेर और चौंमू सहित जिले की विभिन्न पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में सुबह 11 बजे ग्राम सभाएं आयोजित हुईं।
ग्राम सभाओं में स्थानीय सरपंच, पंचायत जनप्रतिनिधि, वरिष्ठजन, महिलाएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सभी स्थानों पर दो मिनट का मौन रखकर दोनों महापुरुषों को नमन किया गया।
इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर चर्चा की गई। सेवा संकल्प अभियान के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा भी की गई।
ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने की प्रक्रिया पर चर्चा के साथ गांवों की विकास आवश्यकताओं को लेकर जानकारी ली गई। पुलिस की ओर से साइबर अपराध से बचाव को लेकर जागरूकता भी बढ़ाई गई।
इसके अलावा ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत गांवों में स्वच्छता व्यवस्था और ‘जल अर्पण अभियान’ के तहत हर घर जल व्यवस्था की समीक्षा की गई। ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता, जल संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं में सहभागिता के लिए जागरूक किया गया।
बाइट01- अजय कुमार शर्मा- ग्राम विकास अधिकारी। ग्राम पंचायत डयोढी।
बाइट02- मोरमुकुट सिंह- वरिष्ठजन ग्राम पंचायत।
बाइट03-नंदकिशोर कांसोटियां- युवा
बाइट04 संतोष देवी- उप-सरपंच ग्राम पंचायत डयोढी।
🎙️ जनता का संदेश का मत
गांधी जयंती पर आयोजित ग्राम सभाओं से यह सन्देश मिलता है कि स्वच्छता और विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास से समाज को एकजुट किया जा सकता है। जब हम स्वच्छता की शपथ लेते हैं, तो यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी और एकजुटता का प्रतीक भी है। इस अवसर पर, हमें अपने गाँव की योजनाओं पर विचार-विमर्श कर, सभी को शामिल करके, समृद्ध और स्वच्छ भविष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहिए।