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गौरव भाटिया का CJP नेताओं पर मानहानि केस:दीपके, रांका, दास से माफी और 2 करोड़ हर्जाने की मांग; ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट से जुड़ा विवाद

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
गौरव भाटिया का CJP नेताओं पर मानहानि केस:दीपके, रांका, दास से माफी और 2 करोड़ हर्जाने की मांग; ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट से जुड़ा विवाद

BJP नेता गौरव भाटिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ मानहानि का केस किया है। भाटिया ने मामले में 2 करोड़ रुपए के हर्जाने, माफी और विवादित पोस्ट को आगे शेयर करने पर रोक लगाने की भी मांग की है। दरअसल, सौरव दास ने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें गौरव भाटिया के नाम से बयान था कि CJP एक्टिविस्ट नीशू आजाद के पिता पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज दिमागी नक्सल है।

स्वतंत्र में जातिवाद का जहर है और BJP का उनसे कोई संबंध नहीं है। भाटिया ने इसे फर्जी बताते हुए दास को 24 घंटे के अंदर पोस्ट डिलीट करने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया। दास ने बाद में पोस्ट डिलीट कर दिया और कहा कि यह AI से बनाई गई थी। AI से बना ग्राफिक बताकर सफाई पोस्ट हटाने के बाद दास ने अपने X अकाउंट पर सफाई दी कि ग्राफिक AI से बनाया गया था।

हालांकि, उन्होंने भाटिया से पूछा कि क्या वे AI से बनाए गए इस बयान से असहमत हैं। दास ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के सहयोगी चिराग पासवान ने भी स्वतंत्र भारद्वाज से खुद को अलग कर FIR दर्ज कराई है। उन्होंने सवाल किया कि BJP में कोई इस मुद्दे पर कुछ क्यों नहीं कह रहा और क्या पार्टी ऐसे लोगों का समर्थन कर रही है।

रांका पर पोस्ट आगे बढ़ाने का आरोप CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका पर आरोप है कि उन्होंने दास के अकाउंट से ग्राफिक को दोबारा पोस्ट कर विवादित पोस्ट को आगे बढ़ाया। रांका ने इसके साथ BJP नेताओं का मजाक उड़ाने वाला कैप्शन भी लिखा। स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा मामला क्या है यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले से जुड़ा है।

CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की किसी के साथ झड़प हुई थी। CJP का आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने संजय कुमार पर हमला किया। भारद्वाज ने खुद दावा किया था कि उन्होंने आजाद के पिता की “खोपड़ी तोड़ दी”, लेकिन बाद में इस बयान से इनकार कर दिया। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… स्वतंत्र भारद्वाज के वकील बोले- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले रद्द कर दिए, फिर FIR कैसे हुई दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर सुनवाई हुई।

भारद

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

गौरव भाटिया द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं पर मानहानि का मुकदमा, जिसमें 2 करोड़ रुपए के हर्जाने, माफी और विवादित ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट के आगे प्रसार पर रोक की मांग है, राजनीतिक संघर्षों की नई परत दर्शाता है। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सामाजिक मीडिया पर झूठे दावों के कानूनी प्रभाव और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच बढ़ती तीव्रता को उजागर करती है। आम जनता पर इसका असर दोहरा हो सकता है: एक तरफ यह नागरिकों को ऑनलाइन जानकारी की सत्यता पर सतर्क रहने के लिए प्रेरित कर सकता है, दूसरी तरफ

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