गया में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा, 4,092 करोड़ के 12 समझौते
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गया के डोभी में 1,670 एकड़ में विकसित हो रही औद्योगिक नगरी के लिए 12 इकाइयों की स्थापना हेतु 4,092 करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए।
24 अक्टूबर , बोधगया (गया, बिहार) : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया और मगध की ऐतिहासिक विरासत के बीच गया जिले के डोभी प्रखंड में विकसित की जा रही बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी को औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल की गई है। इसी कड़ी में बोधगया स्थित आईटीसी होटल में आयोजित समारोह में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्विच दबाकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान उद्योग विभाग और 12 उद्योगपतियों के बीच लगभग 4,092 करोड़ रुपये के निवेश से 12 औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए समझौते किए गए।
समारोह में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, “बिहार है तैयार, बस आपका है इंतजार।” उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। कार्यक्रम में राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत विकसित की जा रही यह औद्योगिक नगरी गया को नए आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता का आकलन केवल निवेश की घोषणाओं से नहीं, बल्कि स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों, शुरू होने वाले उत्पादन, स्थानीय युवाओं को मिलने वाले रोजगार और किसानों को उपलब्ध होने वाले बाजार के आधार पर किया जाना चाहिए।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया जिले के डोभी प्रखंड में विकसित की जा रही बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी राज्य की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत औद्योगिक इकाइयों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
1,670 एकड़ में विकसित हो रही औद्योगिक नगरी
गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के डोभी प्रखंड में लगभग 1,670 एकड़ भूमि पर बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना केंद्र सरकार के अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर का हिस्सा है। इसका विकास बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना और उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
यह परियोजना डोभी प्रखंड के 13 राजस्व गांवों में फैली है। इनमें गमहऱिया, किशोरिया, गंगी, मंगरुचक, बरिया, लेबमोरगा, गाजीचक, खरांटी, सुगासोत, मसौढ़ा, भवभांडेव, बनवासी और इनवरवा शामिल हैं। गया, बोधगया और झारखंड की ओर जाने वाले परिवहन मार्गों के निकट होने के कारण इस क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों और माल ढुलाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्गों, गया रेलवे जंक्शन और गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संपर्क इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़ाव के कारण यहां विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं हैं।
कई क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना की संभावना
बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी में विभिन्न क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं हैं। इनमें ऑटोमोबाइल कलपुर्जे, स्टील आधारित उत्पाद, फैब्रिकेशन, भवन निर्माण सामग्री, फर्नीचर निर्माण, हथकरघा, हस्तशिल्प और चिकित्सा उपकरणों सहित अन्य विनिर्माण गतिविधियां शामिल हैं। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के व्यावसायिक उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ने, सहायक कारोबार विकसित होने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि निवेश प्रस्ताव कितनी तेजी से स्थापित औद्योगिक इकाइयों और उत्पादन में परिवर्तित होते हैं।