घर में सजाकर रखी थीं असली खोपड़ियां और हड्डियां! किशोर कुमार के इस चौंकाने वाले शौक के बारे में जानते हैं आप?
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किशोर कुमार को हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे बेहतरीन गायक माना जाता है. किशोर कुमार मल्टीटैलेंटेड शख्सियत थे. उन्होंने अपने लंबे और सफल करियर में एक से बढ़कर एक गाने दिए थे.
जबकि उन्हें अभिनय का भी बहुत शौक था. बतौर एक्टर उन्होंने कई फिल्मों में भी काम किया. आज किशोर दा की 39वीं डेथ एनिवर्सरी है.
मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार ने हिंदी सिनेमा में खास और अलग मुकाम हासिल किया था.
इंडस्ट्री में वो अपने गानों और एक्टिंग के अलावा अपने स्वाभाव के कारण भी चर्चा में रहे. उनका स्वाभाव सबसे अलग और जुदा था. आइए आज उनकी डेथ एनिवर्सरी पर जानते है उनकी लाइफ से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से.
1946 में एक्टिंग और 1948 में सिंगिंग डेब्यू
बता दें कि किशोर कुमार से पहले ही इंडस्ट्री में उनके बड़े भाई और दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव थे.
जब फिल्मी दुनिया में किशोर ने कदम रखे थे तब तक अशोक कुमार बड़ा नाम बना चुके थे. 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में किशोर कुमार का जन्म हुआ था.
किशोर दा ने अपना एक्टिंग डेब्यू बड़े भाई अशोक कुमार की साल 1946 में आई फिल्म 'शिकारी' से किया था. वहीं दो साल बाद उन्होंने सिंगिंग डेब्यू किया.
किशोर ने प्लेबैक सिंगर के रूप में इंडस्ट्री में पहला गाना फिल्म 'जिद्दी' (1948) के लिए 'मरने की दुआएं क्यों मांगू' गाया. ये गाना दिग्गज एक्टर देव आनंद पर फिल्माया गया था.
जब शूटिंग करते-करते कार से कखने और चले गए टी किशोर कुमार
किशोर कुमार अपनी अजीबोंगरीब हरकतों के लिए जाने जाते थे.
ऐसे में जब एक बार एक डायरेक्टर उनके साथ कोई फिल्म बना रहा था तो उसने कोर्ट की मदद ली थी.
डायरेक्टर ने एक ऐसा एग्रीमेंट कराया था कि अगर किशोर कुमार उनकी बात नहीं मानेंगे तो वो उन पर के
📡 स्रोत: ABP Live Film