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गिरिडीह के मधुबन में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन, मरांग बुरू की पूजा-अर्चना

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
गिरिडीह के मधुबन में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन, मरांग बुरू की पूजा-अर्चना

गिरिडीह के मधुबन में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन, केंद्रीय अध्यक्ष फागू बेसरा ने की पूजा-अर्चना , गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने स्थल का लिया जायजा, बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल।

Short Headline: गिरिडीह के मधुबन में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन, मरांग बुरू की पूजा-अर्चना

महासम्मेलन, गिरिडीह, रमेश 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन

केंद्रीय अध्यक्ष फागू बेसरा ने की पूजा-अर्चना

गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने स्थल का लिया जायजा

एंकर गिरिडीह जिले के मधुबन में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा' का दो दिवसीय महासम्मेलन शुरू हो गया है। सम्मेलन के पहले दिन मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष फागू बेसरा ने पारंपरिक मांझीथान में विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. गिरिडीह में 'मरांग बुरू बचाओ संघर्ष मोर्चा 'महासम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय अध्यक्ष फागू बेसरा ने किया। उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मोर्चा का मुख्य उद्देश्य संताल और अन्य आदिवासी जनजातियों के पवित्र धार्मिक स्थलों की रक्षा करना, उनका रख-रखाव, निगरानी और प्रबंधन अपने हाथों में लेना है।

वीओ 02. इस दो दिवसीय महासम्मेलन के समापन में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिरकत करेंगे। आयोजन की व्यापक तैयारियों का जायजा लेने के लिए गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार की पत्नी श्वेता शर्मा ने मधुबन पहुँचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।

वीओ 03. मरांग बुरू धोरोमगाड़ के केंद्रीय प्रवक्ता दुर्गा चरण मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि संताल जनजाति मूल रूप से प्रकृति की उपासक है। हम नदी, नाले, पर्वत, जंगल, वृक्ष, सूर्य और चंद्रमा को प्रकृति का जीवंत स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं।

अंतिम वीओ इस महासम्मेलन में देश भर से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हो रहे हैं, जो पारंपरिक अधिकारों और आधिपत्य की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं।

गिरिडीह से रमेश प्रभाकर की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।