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गोडावण की री-वाइल्डिंग की शुरुआत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
गोडावण की री-वाइल्डिंग की शुरुआत

जोधपुर के रामदेवरा में जीआईबी एवियरी एवं सॉफ्ट रिलीज सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन कर गोडावणों की री-वाइल्डिंग प्रक्रिया शुरू की गई। कृत्रिम संवर्धन से तैयार गोडावणों को धीरे-धीरे प्राकृतिक आवास में छोड़कर उन्हें वन्य जीवन के लिए तैयार किया जाएगा।

जोधपुर, 3 अक्टूबर। राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने रामदेवरा स्थित जीआईबी एवियरी एवं सॉफ्ट रिलीज सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन किया और कृत्रिम संवर्धन से तैयार गोडावणों को प्राकृतिक क्षेत्र में पुनर्स्थापित करने की री-वाइल्डिंग प्रक्रिया की शुरुआत की।

कार्यक्रम में राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा मौजूद रहे, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। परियोजना के तहत गोडावणों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने से पहले उनके वन्य व्यवहार को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे भोजन तलाशने, घोंसला बनाने और झुंड में रहनेृत रिजर्व जोन के रूप में विकसित किया गया है।

क्षेत्र में ग्रासलैंड और प्राकृतिक आवास के प्रबंधन के साथ भूमि क्षरण रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। अंडों और चूजों की संस्थान और राजस्थान वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से सम और रामदेवरा के ब्रीडिंग सेंटरों में 97 गोडावण मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर बस्टर्ड प्रजाति की औसत जीवित रहने की दर करीब 48 प्रतिशत है, जबकि राजस्थान में यह दर हैबिटेट मैनेजमेंट और डॉग-फ्री जोन जैसे कदम उठाए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय हूबारा कंजर्वेशन सेंटर और भारतीय वन जैसे व्यवहार स्वयं सीख सकें।

गोडावण संरक्षण के लिए 3,600 वर्ग किलोमीटर के मरुस्थलीय क्षेत्र को एकीकृत रिजर्व जोन के रूप में विकसित किया गया है। क्षेत्र में ग्रासलैंड और प्राकृतिक आवास के प्रबंधन के साथ भूमि क्षरण रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। अंडों और चूजों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र को डॉग-फ्री जोन भी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार पर्यावरण मंत्रालय, भारतीय वन्यजीव संस्थान और राजस्थान वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से सम और रामदेवरा के ब्रीडिंग सेंटरों में 97 गोडावण मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर बस्टर्ड प्रजाति की औसत जीवित रहने की दर करीब 48 प्रतिशत है, जबकि राजस्थान में यह दर 80 प्रतिशत रही है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि गोडावण के प्राकृतिक आवास के संरक्षण के लिए हैबिटेट मैनेजमेंट और डॉग-फ्री जोन जैसे कदम उठाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हूबारा कंजर्वेशन सेंटर और भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से संरक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि करीब 130 गोडावण वर्तमान में प्राकृतिक आवास में मौजूद हैं। ब्रीडिंग सेंटरों में कृत्रिम गर्भाधान से तैयार चूजों को पहली बार बड़े स्तर पर प्राकृतिक वातावरण में पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

साउंड बाईट - भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री राजस्थान

बाईट - भूपेंद्र यादव केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री

बाईट - संजय शर्मा. वन मंत्री राजस्थान सरकार

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।