Gold Rate Today: अब सोना नहीं खरीद रहे सुनार, ग्राहकों के साथ ज्वेलर्स भी कंफ्यूज
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भारत में त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में सोने की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है, लेकिन इस बार कीमतों में गिरावट के बावजूद बड़े ज्वैलर्स खरीदारी को लेकर सतर्क हैं.
कारोबारियों को उम्मीद है कि सोने के दाम में अभी और कमी आ सकती है.
इस संभावना के चलते कई बड़ी ज्वैलरी कंपनियां फिलहाल भारी मात्रा में सोना खरीदने से बच रही हैं. इससे त्योहारों के दौरान बाजार की मांग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
कीमती धातुओं को रिफाइन करने वाली कंपनी MMTC-PAMP के प्रमुख समीत गुहा के अनुसार, बड़ी ज्वैलरी कंपनियां अभी पूरी तरह खरीदारी के लिए बाजार में नहीं लौटी हैं.
इसके विपरीत, छोटे और मध्यम स्तर के ज्वैलर्स अपेक्षाकृत ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. कुछ कारोबारियों ने दोबारा ऑर्डर भी दिए हैं.
ज्वैलरी कारोबार में कीमतों की दिशा का काफी महत्व होता है.
जब सोने के दाम बढ़ने लगते हैं, तो कंपनियां भविष्य में महंगी खरीदारी से बचने के लिए पहले ही स्टॉक जमा कर सकती हैं.
लेकिन अगर उन्हें लगता है कि भाव आगे और गिरेंगे, तो वे मौजूदा स्टॉक का इस्तेमाल करते हुए नई खरीदारी टाल सकती हैं.
रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आया सोने का भाव
जनवरी 2026 में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी.
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का दौर शुरू हुआ. 28 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग 24 फीसदी तक गिर चुकी थी.
पिछले सप्ताह इसका भाव 4 हजार डॉलर प्रति औंस से भी नीचे चला गया, जो जुलाई के बाद का निचला स्तर था.
कीमतों में इस बदलाव के बावजूद बड़े ज्वैलर्स जल्दबाजी में स्टॉक बढ़ाने के बजाय बाजार की अगली चाल का इंतजार कर रहे हैं.
त्योहारों से पहले बाजार की नजर कीमतों पर
अक्टूबर से दिसंबर का समय भारत में सोने की खरीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. धनतेरस, दिवाली और शादी-ब्याह के कारण इस अवधि में मांग बढ़ती है.
हालांकि, इस बार कीमतों में
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar