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गोपाल मंडल के बेटे आशीष ने कांग्रेस का हाथ थामा:पूर्व विधायक ने JDU को 'बिचौलियों की पार्टी' बताया, बोले- अब नीतीश कुमार की भी नहीं चलती

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
गोपाल मंडल के बेटे आशीष ने कांग्रेस का हाथ थामा:पूर्व विधायक ने JDU को 'बिचौलियों की पार्टी' बताया, बोले- अब नीतीश कुमार की भी नहीं चलती

गोपालपुर के पूर्व JDU विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके बेटे आशीष मंडल ने भागलपुर में कांग्रेस जॉइन कर ली है। इस दौरान गोपाल मंडल ने अपनी पुरानी पार्टी JDU पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और बिहार प्रभारी अल्लाह वरु ने आशीष मंडल को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इस मौके पर गोपाल मंडल भी मौजूद थे। आशीष के कांग्रेस में शामिल होने पर गोपाल मंडल ने JDU को 'बिचौलियों की पार्टी' बताया। उन्होंने कहा कि अब पार्टी में कोई नहीं रह गया है और नीतीश कुमार की भी नहीं चलती। गोपाल मंडल ने कांग्रेस को देश की सबसे पुरानी और विचारधारा वाली पार्टी बताया। उन्होंने दावा किया कि उनके कांग्रेस में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

इस घटना ने भागलपुर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आशीष मंडल बोले- धर्म और जाति नहीं, सबको सम्मान देने वाली राजनीति चाहिए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद आशीष मंडल ने अपनी राजनीतिक पसंद के पीछे विचारधारा को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं की विचारधारा देश तथा समाज के हित में है।

उनके अनुसार, कांग्रेस में धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव की राजनीति के बजाय सभी वर्गों को बराबरी और सम्मान देने की बात की जाती है। आशीष ने कहा कि गरीब हो या अमीर, किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति हो, सभी को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी पुरानी पीढ़ियों के कांग्रेस से जुड़ाव का भी जिक्र किया।

उनका कहना था कि उनके बाप-दादा और पुराने लोग भी कांग्रेस में रहे हैं और अब युवा पीढ़ी इस विचारधारा को दोबारा मजबूत करने के लिए आगे आ रही है। आशीष मंडल ने अपने राजनीतिक लक्ष्य को भागलपुर से दिल्ली तक कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करने की कोशिश से जोड़ते हुए कहा कि युवा पीढ़ी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उनके बयान से यह स्पष्ट करने की कोशिश दिखी कि कांग्रेस में शामिल होने का फैसला केवल राजनीतिक दल बदलने का मामला नहीं, बल्कि विचारधारा और सामाजिक समानता के मुद्दों से जुड़ा निर्णय है। भाजपा से विरोध नहीं, उसकी व्यवस्था से है लड़ाई!

आशीष मंडल ने भाजपा को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का विरोध किसी दल विशेष से व्यक्तिगत दुश्मनी के आधार पर नहीं है, बल्कि भाजपा द्वारा लागू की गई व्यवस्था से है। उनके मुताबिक, यदि भाजपा बेहतर काम करे और जाति-धर्म की राजनीति से परहेज करे, तो विरोध की कोई वजह नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था सही नहीं होने के कारण ही धरना-प्रदर्शन जैसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। आशीष के इस बयान में कांग्रेस की राजनीति को संविधान, सामाजिक समानता और व्यवस्था से जुड़े सवालों के आधार पर पेश करने की कोशिश नजर आई। यानी कांग्रेस में नई पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक विरोध की सीमा भी बताने का प्रयास किया।

प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया जुझारू युवा नेता बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने आशीष मंडल का पार्टी में स्वागत करते हुए उन्हें जुझारू युवा नेता बताया। उन्होंने कहा कि आशीष मंडल राहुल गांधी की विचारधारा से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। राजेश राम के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में छात्र संघर्ष और संविधान की रक्षा की लड़ाई युवाओं को आकर्षित कर रही है।

उन्होंने आशीष मंडल के अत्यंत पिछड़े वर्ग से आने का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान सुरक्षित रहेगा, तभी समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा हो सकेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में हजारों लोग राहुल गांधी की विचारधारा से प्रभावित होकर कांग्रेस से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने बिहार में चल रहे युवा कांग्रेस के चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ रही है। राजेश राम ने आशीष मंडल को नई राजनीतिक पारी के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनंत सिंह के बयान पर भी गोपाल मंडल का तंज गोपाल मंडल से जब अनंत सिंह के बयानों और हत्या से जुड़े आरोपों के संदर्भ में प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिसे जितनी बुद्धि होती है, वह उतना बोलता है।

अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में दिए गए इस बयान से गोपाल मंडल ने एक बार फिर यह दिखाने की कोशिश की कि राजनीतिक विरोधियों और विवादित बयानों पर प्रतिक्रिया देने में वे शब्दों को लेकर ज्यादा संकोच नहीं करते। हालांकि, अनंत सिंह से जुड़े किसी विशिष्ट आरोप या घटना पर निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित मामले के तथ्यों और आधिकारिक जानकारी को अलग से देखना जरूरी है।

भागलपुर से निकलेगा बदलाव का संदेश या बनेगी नई सियासी जमीन?

आशीष मंडल के कांग्रेस में शामिल होने की घटना को केवल एक सदस्यता कार्यक्रम के तौर पर देखना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी। इस घटनाक्रम में तीन राजनीतिक संदेश एक साथ दिखाई देते हैं। पहला, कांग्रेस बिहार में युवाओं और स्थानीय राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। दूसरा, आशीष मंडल ने अपनी एंट्री को सामाजिक समानता, संविधान और राहुल गांधी की विचारधारा से जोड़कर पेश किया है। तीसरा, गोपाल मंडल ने अपने बेटे के कांग्रेस में शामिल होने के मंच से जदयू पर सीधा हमला कर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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