गोवा दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, BJP क्या कर रही प्लानिंग?
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार (5 सितंबर 2026) से गोवा के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. उनका यह दौरा 7 सितंबर तक चलेगा.
इस दौरान गृह मंत्री कई अहम बैठकों और सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
उनके कार्यक्रम में आंतरिक सुरक्षा, नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल तथा पश्चिमी राज्यों से जुड़े प्रशासनिक मुद्दे प्रमुख रहेंगे.
इसके अलावा अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे.
6 सितंबर की सुबह अमित शाह गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस दौरान गोवा से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की जाएगी.
बैठक में राज्य से संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ गृह मंत्रालय के दायरे में आने वाले अन्य विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है.
बैठक का मकसद राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को और मजबूत करना तथा लंबित मामलों पर आगे की रणनीति तय करना बताया जा रहा है.
ड्रग्स के खिलाफ अभियान पर होगी खास चर्चा
अमित शाह दोपहर में नशीले पदार्थों से जुड़े मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
इसमें देश में ड्रग तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों और अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन पर कार्रवाई से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जा सकती है.
ड्रग्स की अवैध आवाजाही पर लगाम लगाने के साथ-साथ नशीले पदार्थों के खिलाफ केंद्र की रणनीति और राज्यों के साथ मिलकर की जा रही कार्रवाई भी इस बातचीत का अहम हिस्सा रह सकती है.
अटल भवन का करेंगे उद्घाटन
गोवा प्रवास के दौरान गृह मंत्री भाजपा के नए राज्य कार्यालय भवन अटल भवन का उद्घाटन भी करेंगे.
इसके बाद वह पार्टी की राज्य कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे और इसकी अध्यक्षता करेंगे.
इस बैठक में संगठन से जुड़े कामकाज के अलावा राज्य की राजनीतिक स्थिति और पार्टी से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है.</p
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का गोवा दौरा 5 से 7 सितंबर 2026 तक है, जिसमें वे आंतरिक सुरक्षा, नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक और राज्य-केन्द्र तालमेल पर चर्चा करेंगे। यह दौरा भारत की सुरक्षा नीति को मजबूत करने और पश्चिमी राज्यों के प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण है। गोवा की रणनीतिक स्थिति और समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में यह कदम देश की समग्र सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने में सहायक होगा। आम जनता पर इसका असर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, तस्करी रोकथाम के प्रयासों में वृद्धि और स्थानीय प्रश