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ग्रामीण मरीज़ों तक भी पहुंचेगा विशेषज्ञ स्तर का इलाज़, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ई-संजीवनी सेवाओं को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश, 2,723 स्वास्थ्य केंद्रों की कमियां दूर करने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ग्रामीण मरीज़ों तक भी पहुंचेगा विशेषज्ञ स्तर का इलाज़, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ई-संजीवनी सेवाओं को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश, 2,723 स्वास्थ्य केंद्रों की कमियां दूर करने पर जोर

भोपाल। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंटरनेट, बिजली, उपकरण और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण मरीज विशेषज्ञ परामर्श से वंचित न रहें। इन बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर कर सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

भोपाल स्थित निवास कार्यालय में ई-संजीवनी के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेवा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य केवल तकनीक उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय परामर्श दिलाना है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ संचालन व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

छह माह में 70 हजार से अधिक परामर्श कॉल दर्ज

समीक्षा बैठक में अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ई-संजीवनी के माध्यम से दर्ज 59,914 सामान्य परामर्श कॉल और 10,890 विशेषज्ञ परामर्श कॉल की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री ने सेवाओं के उपयोग में और वृद्धि के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय रखने, चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और तय समय-सारणी के अनुसार परामर्श देने के निर्देश दिए। उन्होंने निष्क्रिय केंद्रों को दोबारा शुरू करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने और सेवाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया।

2,723 उप स्वास्थ्य केंद्रों की कमियां दूर करने पर जोर

समीक्षा में अगस्त-सितंबर 2025 के सुविधा तत्परता आकलन के निष्कर्षों पर भी चर्चा हुई। इसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति और प्रशिक्षण से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। कुल 2,723 उप स्वास्थ्य केंद्र ऐसे चिन्हित किए गए, जहां केवल एक मूलभूत सुविधा की कमी है। उपमुख्यमंत्री ने इन केंद्रों को प्राथमिकता से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कम समय में अधिक स्वास्थ्य केंद्र ई-संजीवनी सेवाओं के लिए तैयार हो सकें।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इंटरनेट, बिजली, उपकरण और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी वाले संस्थानों की अलग-अलग पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही प्रगति की नियमित समीक्षा और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगा नियमित प्रशिक्षण

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ई-संजीवनी की सफलता के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन भी जरूरी है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और मेडिकल ऑफिसर्स को सेवा के संचालन, तकनीकी प्रक्रिया तथा मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए संदर्भित करने संबंधी नियमित प्रशिक्षण देने को कहा। बॉन्डेड चिकित्सकों को भी ई-संजीवनी की उपयोगिता और संचालन प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम लाभ मरीजों तक पहुंच सके।

जन-जागरूकता से अधिक मरीजों को मिलेगा लाभ

उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ई-संजीवनी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जाए कि वे अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों और मैदानी अमले को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मरीजों को सेवा की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की सही जानकारी देने से इसका उपयोग बढ़ेगा और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।

उपमुख्यमंत्री ने प्राथमिकता वाले जिलों में कमियों का निराकरण करने, निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी को प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का प्रभावी हिस्सा बनाया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह मिल सके। बैठक में डॉ. हिमांशु जायसवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।