ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, चिकित्सक मुख्यालय में रहकर समय पर संचालित करें ओपीडी: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
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रीवा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश, मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर
भोपाल, 21 अक्टूबर 2026। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सिविल अस्पतालों में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर्स के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने ओपीडी संचालन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ अपने निर्धारित मुख्यालय में निवास करें तथा समय पर ओपीडी संचालित करते हुए पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ मरीजों का उपचार करें। अस्पताल आने वाले किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
राजेंद्र शुक्ल ने बंधपत्र चिकित्सकों को निर्धारित मुख्यालय में अनिवार्य रूप से निवास करने और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थाओं में स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और उनकी उपलब्धता की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का व्यवहार मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक और सम्मानजनक होना चाहिए। प्रत्येक चिकित्सक मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर प्रभावी संवाद स्थापित करे और समुचित उपचार उपलब्ध कराए।
उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थाओं में अनावश्यक संलग्नीकरण समाप्त कर उपलब्ध मानव संसाधन का उपयोग निर्धारित कार्यस्थलों पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार परीक्षण, आवश्यक जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर रेफरल किया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चिकित्सकों और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने तथा जिला स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से नई और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उप मुख्यमंत्री ने समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं की उचित देखभाल को प्राथमिकता देने को कहा।
उन्होंने अस्पताल प्रभारियों को अपने कार्यक्षेत्र में विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हितग्राहियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने और बीमारी के अनुरूप जांच, उपचार, आवश्यक दवाएं तथा नियमित फॉलोअप उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर रीवा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा और सख्त निर्देशों के बारे में है, जहाँ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मेडिकल ऑफिसर्स को निर्देश दिया कि वे मुख्यालय में रहकर समय पर ओपीडी संचालित करें। यह विषय ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में लापरवाही को रोकने और मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार से जीवन बचाए जा सकते हैं। इस पहल से आम जनता को बेहतर चिकित्सा पहुँच, तेज़ उपचार और स्वास्थ्य प्रणाली में विश्वास मिलेगा,