GST व्यवस्था में सुधारों से करदाताओं को मिलेगी राहत
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अक्टूबर 09, नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) व्यवस्था में अब प्रक्रियाओं को आसान बनाने और करदाताओं को राहत देने पर जोर है। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन रजिस्ट्रेशन, रिफंड, ITC और अनुपालन से जुड़े कई अहम सुधारों की सिफारिश की गई है।प्रस्ताव के मुताबिक, 10 हजार रुपये से कम के लंबित नोटिस वापस लिए जा सकते हैं, जिससे करीब 12 लाख करदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
GST रिफंड की जांच की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने और 90 प्रतिशत रिफंड दावों का तीन कार्यदिवस में निपटारा करने का भी प्रस्ताव है।छोटे कारोबारियों के लिए 5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर वैकल्पिक व्यवस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके तहत साल में एक रिटर्न और हर तिमाही टैक्स जमा करने का विकल्प मिल सकता है।
वहीं, अभियोजन की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये और सामान्य पेनल्टी 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये करने की सिफारिश है। इन सुधारों को एक अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य है। (फोटो कैप्शन- केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक आयोजित की गई)