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ग्वालियर में एशिया का पहला TMZ स्थापित किया जाएगा: ज्योतिरादित्य सिंधिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
ग्वालियर में एशिया का पहला TMZ स्थापित किया जाएगा: ज्योतिरादित्य सिंधिया

सितंबर 20, नई दिल्ली: ग्वालियर भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शहर में एशिया का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार विभाग के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी यानी SADA में प्रस्तावित TMZ के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया।

प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इससे 18 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सिंधिया ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि ग्वालियर में दूरसंचार उपकरण और कलपुर्जों के निर्माण से जुड़ी करीब 24 से 25 इकाइयों वाला पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम करेगी।

पहले चरण में करीब 170 एकड़ जमीन चिन्हितप्रस्तावित TMZ के पहले चरण के लिए SADA में 90 से अधिक एकड़ और IT पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल करीब 170 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। सिंधिया के मुताबिक, निवेशकों की ओर से इस परियोजना में काफी रुचि दिखाई गई है और प्राप्त आवेदन उपलब्ध जमीन से अधिक हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त भूमि चिन्हित कर विस्तार किया जाएगा।

24 कंपनियों ने शुरू की आवेदन प्रक्रियाजुलाई 2026 में दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच TMZ की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए।

दिल्ली में आयोजित निवेशक सम्मेलन में करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। वहीं मुंबई में हुए सम्मेलन में करीब 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिससे करीब 4 हजार रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।

सिंधिया ने बताया कि अब 24 कंपनियों ने ग्वालियर में अपनी दूरसंचार विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

निवेशकों के लिए प्रोत्साहन पैकेजटेलीकॉम विनिर्माण उद्योग को आकर्षित करने के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया गया है। इसमें जमीन की लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन के साथ पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

दूरसंचार विभाग की ओर से करीब 500 करोड़ रुपये के कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज का प्रस्ताव भी दिया गया है।

कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन पर जोरसिंधिया ने ग्वालियर की कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन को TMZ के विकास के लिए अहम बताया। दिल्ली और उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों से कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए करीब 120 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है।

ग्वालियर प्रमुख रेलवे मार्गों से भी जुड़ा है। वहीं करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से विकसित एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के साथ हवाई संपर्क मजबूत हुआ है।

शहर में इंजीनियरिंग शिक्षा का भी मजबूत आधार है और हर साल करीब 25 हजार इंजीनियरिंग छात्र स्नातक होते हैं। इससे प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

TMZ को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के छह प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले एक व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।

सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर के दो दिवसीय दौरे के बाद वे 22 सितंबर को बेंगलुरु में टेलीकॉम क्षेत्र के निवेशकों के साथ रोडशो में हिस्सा लेंगे।

Source: PIB

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित करने की योजना है, जो भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा देने वाला कदम है। यह पहल ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा घोषित की गई है, जिससे शहर को वैश्विक टेलीकॉम आपूर्ति श्रृंखला में प्रमुख स्थान मिलेगा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत को विदेशी निर्माताओं पर निर्भरता कम करने और घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने में मदद करेगी। आम जनता पर इसका असर रोजगार सृजन, तकनीकी कौशल विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास के रूप में महस

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।