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ग्वालियर किले पर तीन दिवसीय प्रकाश पर्व संपन्न, गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में उमड़े श्रद्धालु

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ग्वालियर किले पर तीन दिवसीय प्रकाश पर्व संपन्न, गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में उमड़े श्रद्धालु

ग्वालियर के ऐतिहासिक किले पर स्थित गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में तीन दिवसीय वार्षिक प्रकाश पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सिखों के छठवें गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह साहिब की स्मृति में आयोजित इस पर्व में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर अरदास की और गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया।

प्रकाश पर्व के दौरान रागी जत्थों और शबद चौकियों ने गुरबाणी के माध्यम से गुरु इतिहास का बखान किया। गुरबाणी और जयकारों से ग्वालियर किले का वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन में श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब की शिक्षाओं और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ प्रबंधक कमेटी के प्रमुख पद्मश्री बाबा सेवा सिंह ने बताया कि गुरु हरगोबिंद सिंह साहिब ने मुगल बादशाह जहांगीर की कैद से 52 हिंदू राजाओं को मुक्त कराया था।

इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ से जुड़ी हुई है। तीन दिनों तक चले इस पर्व में श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आयोजन का समापन धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की सहभागिता के बीच हुआ।

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बाइट- बाबा सेवा सिंह, प्रमुख, गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ प्रबंधक कमेटी, ग्वालियर

बाइट- बाबा सुक्खा सिंह, गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़, ग्वालियर

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ग्वालियर में तीन दिवसीय वार्षिक प्रकाश पर्व संपन्न

गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

गुरु हरगोबिंद सिंह साहिब की स्मृति में हुआ आयोजन

52 राजाओं की मुक्ति से जुड़ा है दाताबंदी छोड़ का इतिहास

गुरबाणी और जयकारों से गूंजा ऐतिहासिक ग्वालियर किला

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।