अपराध

ग्वालियर पुलिस ने करोड़ों रुपए के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का किया पर्दाफाश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ग्वालियर पुलिस ने करोड़ों रुपए के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का किया पर्दाफाश

ग्वालियर पुलिस ने विंडसर हिल्स स्थित डुप्लेक्स से संचालित करोड़ों रुपए के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का किया पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार

23 मोबाइल, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड, तीन लैपटॉप और छह पासबुक सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त; प्रतिमाह 7-8 करोड़ रुपए के लेन-देन का अनुमान

ग्वालियर पुलिस ने साइबर अपराध, ऑनलाइन सट्टा, ऑनलाइन गेम्बलिंग एवं बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विंडसर हिल्स स्थित किराए के डुप्लेक्स से संचालित इस नेटवर्क से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, तीन लैपटॉप, छह पासबुक सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 7 से 8 करोड़ रुपए तथा वार्षिक स्तर पर करीब 100 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन का अनुमान सामने आया है। आरोपियों के दुबई एवं श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की जानकारी भी मिली है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधों एवं साइबर फ्रॉड में बैंक खातों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के क्रम में 12 सितम्बर को साइबर क्राइम विंग को विंडसर हिल्स स्थित एक डुप्लेक्स में ऑनलाइन सट्टा, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त एवं ऑनलाइन गेम्बलिंग संचालित किए जाने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पांच व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच में उनके उक्त गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी सामने आई। आरोपियों के विरुद्ध क्राइम ब्रांच ग्वालियर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

‘100 पैनल’ वेबसाइट से संचालित हो रहा था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ‘100 पैनल’ नामक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहे थे। आरोपियों के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में बैंक खातों से संबंधित विवरण प्राप्त हुए हैं। संबंधित बैंकों से इन खातों की जानकारी प्राप्त कर यह पता लगाया जा रहा है कि इनका उपयोग साइबर ठगी सहित अन्य अपराधों में किस प्रकार किया गया।

करोड़ों रुपए के वित्तीय लेन-देन की जांच

प्रारंभिक जांच के अनुसार नेटवर्क में प्रतिमाह करीब 7 से 8 करोड़ रुपए का लेन-देन होने का अनुमान है। पुलिस द्वारा बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन, धनराशि के स्रोत, लाभार्थियों तथा पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच की जा रही है।

दुबई और श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क की भी जांच

पूछताछ में आरोपियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से दुबई एवं श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की जानकारी दी गई है। पुलिस जब्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। इससे नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों एवं वित्तीय लेन-देन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।

डुप्लेक्स मालिक की भूमिका की भी जांच

जिस डुप्लेक्स में गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, उसे किराए पर देने वाले मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि डुप्लेक्स में संचालित गतिविधियों की जानकारी मकान मालिक को थी अथवा नहीं।

जब्त सामग्री

आरोपियों से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, तीन लैपटॉप, छह पासबुक एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन अवैध गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। पुलिस द्वारा ऐसे संगठित नेटवर्क की पहचान कर उनके वित्तीय एवं तकनीकी नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टा, गेम्बलिंग तथा बैंक खातों के दुरुपयोग में संलिप्त अन्य व्यक्तियों तक पहुंच बनाई जा सके। साथ ही नागरिकों से अपील है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम अथवा अन्य डिजिटल संसाधन किसी भी व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं और साइबर अपराध से संबंधित किसी भी घटना की तत्काल सूचना पुलिस को दें।

🎙️ जनता का संदेश का मत

साइबर अपराध की चुप्पी तोड़ते हुए ग्वालियर पुलिस ने एक विशाल फ्रॉड नेटवर्क को उजागर किया। यह हमें याद दिलाता है कि डिजिटल दुनिया में भी जागरूकता और सतर्कता अनिवार्य है। अगर किसी को ऑनलाइन धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करें, और अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण अपनाएँ। समाज को मिलकर साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि हर नागरिक की संपत्ति और विश्वास सुरक्षित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।