ग्वालियर में सिंधिया राजपरिवार का शाही शमी पूजन, ज्योतिरादित्य और महाआर्यमन ने निभाई परंपरा
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मांढरे की माता स्थित दशहरा मैदान में राजसी वेशभूषा में पहुंचे पिता-पुत्र।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शाही तलवार से शमी वृक्ष का स्पर्श किया।
परंपरा के अनुसार शमी के पत्तों को सोने का प्रतीक मानकर लेने के लिए उमड़े लोग।
ग्वालियर, अक्टूबर 20: जिले में सिंधिया राजपरिवार की दशहरे से जुड़ी शाही परंपराओं का निर्वहन इस वर्ष भी किया गया। केंद्रीय संचार मंत्री एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पुत्र महाआर्यमन सिंधिया के साथ मांढरे की माता स्थित दशहरा मैदान में पारंपरिक शमी पूजन किया।
दोनों राजसी वेशभूषा में समारोह में पहुंचे। पूजन के दौरान सिंधिया ने शाही तलवार से शमी वृक्ष का स्पर्श किया। इसके बाद उपस्थित लोग शमी के पत्ते लेने के लिए आगे बढ़े। परंपरा के अनुसार शमी के पत्तों को सोने का प्रतीक माना जाता है। पुराने समय में इन्हें राजकोष की समृद्धि का प्रतीक मानकर भेंट किया जाता था।
समारोह में मराठा सरदारों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूजन के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी को दशहरे की शुभकामनाएं दीं।
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बाइट- ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय संचार मंत्री एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री
बाइट - बाल खांडे, सिंधिया परिवार के जानकार
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ग्वालियर में सिंधिया राजपरिवार ने दशहरा पर शाही शमी पूजन की परंपरा निभाई, जिसमें पिता-पुत्र ज्योतिरादित्य और महाआर्यमन राजसी वेशभूषा में उपस्थित हुए। शाही तलवार से शमी वृक्ष का स्पर्श कर परंपरा को आगे बढ़ाया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और राजपरिवार की ऐतिहासिक भूमिका को दर्शाता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह स्थानीय इतिहास और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान को उजागर करती है, तथा राजपरिवार के योगदान को मान्यता देती है। आम जनता के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो सा