HAL ने भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान-तेजस और एचटीटी 40 सौंपे
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सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड - एचएएल ने आज बेंगलुरु में भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान-तेजस और एचटीटी 40 सौंपे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर एचएएल ने भारतीय वायु सेना को दो हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) और तेजस इसके अलावा पवन हंस लिमिटेड को चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टर भी सौंपे। एचएल ने भारतीय वायु सेना को पहला एचटीटी-40 भी सौंपा। रक्षा मंत्री ने विमान का नाम 'अंकुर' रखा।
सरकार ने वर्ष 2010 में 16 एलसीए लड़ाकू विमानों और चार दो सीटों वाले विमानों का ऑर्डर दिया था। एचएल की योजना वर्ष 2033-34 तक भारतीय वायु सेना को 29 एमके1ए विमान वितरित करने की है। ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इनका प्रवेश हो गया है। यह भारत का पहला स्वदेशी निर्मित नागरिक हेलीकॉप्टर है जो एएस-4 मानकों को पूरा करता है। यह इसे समुद्री अभियानों सहित नागरिक कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है।
एचटीटी-40, जिसका पूरा नाम हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर 40 है, स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया एक बुनियादी प्रशिक्षण विमान है। इसमें आधुनिक कॉकपिट और एवियोनिक्स सूट मौजूद हैं। एचएएल ने रक्षा मंत्रालय को 70 एचटीटी-40 विमानों की आपूर्ति का अनुबंध किया है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायु सेना को हल्के लड़ाकू विमान तेजस और HTT‑40 सौंपे। यह विषय रक्षा उद्योग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेजस और HTT‑40 भारतीय वायु सेना की क्षमताओं को बढ़ाते हैं, जिससे देश की रक्षा शक्ति में सुधार होता है। इसके अलावा, पवन हंस लिमिटेड को भी नए हेलीकॉप्टर मिले, जिससे सेना के बहु-उपयोगी विमान पोर्टफोलियो में विविधता आती है। आम जनता पर इसका असर बेहतर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के रूप में