हमीरपुर में मसीयाना फोरलेन पर निर्माणाधीन पुल गिरा, तीन लोग घायल
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हमीरपुर मटौर से शिमला फोरलेन पर चील वाहल से मसीयाणा के पास हथली खड्ड के बीच बन रहा बड़ा पुल शुक्रवार दिन के समय अचानक गिर गया। अचानक पुल के गिरने से इसके कार्य में लगे हुए तीन लोग करीब 100 फीट नीचे जा गिरे। हादसे में एक व्यक्ति गंभीर घायल है जबकि दो को भी चोटें आई हैं। पुल का गिरना एक बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
सूचना मिलने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग मौके पर पहुंच गया है। एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया गया है। वहीं पुल गिर जाने की वजह से कुछ लोग दूसरी तरफ फंसे हुए हैं। निकालने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है तथा एंबुलेंस को दूसरे मार्ग से भेजा गया है।
इनकी संख्या करीब 6 बताई जा रही है तथा इनका रेस्क्यू किया जाना है। इतने बड़े प्रोजेक्ट का पुल अचानक गिर जाना चिंता जनक और लापरवाही माना जा रहा है। पुल की लंबाई 100 मीटर से भी अधिक है तथा नाले से इसकी ऊंचाई भी इतनी ही है। फिलहाल मौके पर पहुंचकर सभी विभाग मामले की जांच में जुटे हैं तथा घायलों को उपचार सुनिश्चित किया गया है।
दो घायलों में से एक ही हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं इस मौके पर हमीरपुर के नायब तहसील जगदीश चंद ने बताया कि निर्माणाधीन लोहे के पुल का हिस्सा टूट गया है। जिसमें 8 मजदूर काम कर रहे थे। जिनमें 5 मामूली घायल है तथा 3 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए है। उनका इलाज हमीरपुर मैडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रशासन मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
बाइट -जगदीश चंद (नायब तहसीलदार, हमीरपुर)
वहीं मौके पर चश्मदीद देशराज ने बताया कि अचानक से निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया। उस समय वह घास काटने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान मजदूरों की चीख पुकार शुरू हो गई उन्होंने बताया कि कड़ी में मशक्कत के बाद घायल मजदूरों को बाहर निकल गया। उसके बाद प्रशासन की मौके पर पहुंच गया और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किए गए।
बाइट- देशराज (स्थानीय ग्रामीण)
🎙️ जनता का संदेश का मत
हमीरपुर में पुल के गिरने से तीनों घायल हुए, यह हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा के प्रति लापरवाही समाज को बड़े नुकसान पहुँचा सकती है। हमें निर्माण कार्यों में कड़ाई से निरीक्षण और नियम पालन को प्राथमिकता देनी चाहिए। दुर्घटना से प्रभावित लोगों को सहानुभूति और त्वरित चिकित्सा सहायता दें, साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए जागरूकता फैलाएँ। जब हम जिम्मेदारी से काम करें, तभी समाज सुरक्षित और समृद्ध बन सकता है।