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हिमाचल में हाईवे परियोजनाओं पर 55 हजार करोड़ का निवेश, फिर भी केंद्र की मदद नकार रही प्रदेश सरकार : नड्डा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
हिमाचल में हाईवे परियोजनाओं पर 55 हजार करोड़ का निवेश, फिर भी केंद्र की मदद नकार रही प्रदेश सरकार : नड्डा

बिलासपुर, 9 अक्टूबर (अजय कुमार उपाध्याय)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रदेश सरकार पर केंद्र से मिल रही आर्थिक सहायता की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रशासनिक बैठक के बाद लेक व्यू में मीडिया से बातचीत करते हुए नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की सहायता दे रही है, लेकिन राज्य सरकार इस सहयोग को स्वीकार करने के बजाय इसे नकारने में लगी रहती है।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया है। प्रदेश में 25 राष्ट्रीय राजमार्गों का 2,592 किलोमीटर लंबा नेटवर्क है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजनाओं में 55,103 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

उन्होंने कीरतपुर-मनाली, पठानकोट-मंडी, परवाणू-शिमला और शिमला-मटौर जैसे प्रमुख सड़क कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। इन परियोजनाओं में कीरतपुर-मनाली कॉरिडोर पर 12,939 करोड़ रुपये, परवाणू-सोलन-शिमला पर 8,950 करोड़ रुपये, पठानकोट-मंडी पर 10,805 करोड़ रुपये और शिमला-मटौर कॉरिडोर पर करीब 10,226 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत भी प्रदेश में करीब 13,697 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हैं। उन्होंने लंबित नौ सड़कों का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने और पीएमजीएसवाई-IV के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

नड्डा ने कहा कि केंद्र से उपलब्ध कराए जा रहे धन का समयबद्ध उपयोग और विकास परियोजनाओं का निर्धारित समय में पूरा होना जरूरी है, ताकि इनका वास्तविक लाभ हिमाचल प्रदेश की जनता तक पहुंच सके।

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जगत प्रकाश नड्डा — केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।