हिमाचल में ठोस सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर प्रदेशस्तर पर पहल शुरू, निकायों के प्रतिनिधियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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अक्तूबर 28, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए शहरी विकास विभाग और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) की संयुक्त पहल प्रोजेक्ट सर्कुलर भारत के तहत प्रदेशस्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसका उद्देश्य शहरी निकायों में प्रभावी, समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू कर सकें।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों को स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार प्रभावी कदम उठाने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए क्षमता संवर्धन, संस्थागत समन्वय और नियमित निगरानी जरूरी है।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट सर्कुलर भारत के तहत शुरू की गई यह प्रदेश स्तरीय पहल शहरी निकायों को नेतृत्व और सशक्त बनाने में मदद करेगी।
इसके माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल शहरी क्षेत्रों के निर्माण में योगदान मिलेगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा प्रदेश में बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं और इससे कूड़ा भी बढ़ता है। सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार भी प्रदेश के विभागों में सहयोग कर रही है।