राजनीति

हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न, 91% रही प्रोडक्टिविटी, विधायकों को मिलेगी आधिकारिक झंडी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र संपन्न, 91% रही प्रोडक्टिविटी, विधायकों को मिलेगी आधिकारिक झंडी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 10 दिवसीय मानसून सत्र आज राष्ट्रीय गीत के गायन के साथ संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि 21 अगस्त से 3 सितंबर तक चला यह सत्र कुल 45 घंटे 30 मिनट चला और सदन की प्रोडक्टिविटी 91% रही, जो देश की विधानसभाओं में सबसे ज्यादा में से एक है।

कुल 514 तारांकित और 272 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए और कुछ प्रश्नों पर आधे-आधे घंटे तक चर्चा चली। नियम 62 के तहत 14 विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार गारंटी पर लंबी चर्चा हुई। शून्यकाल में 34 स्थानीय मुद्दे उठे और 11 सरकारी विधेयक पेश हुए और पारित हुए।

विधानसभा समितियों के 44 प्रतिवेदन और कैग की रिपोर्ट्स सदन में पेश की गईं। 27 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्य दिवस मनाया गया। नियम 101 के तहत 5 संकल्प आए, जिनमें से 2 सर्वसम्मति से पारित हुए।विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने घोषणा की कि अब विधानसभा की तरफ से विधायकों की गाड़ी में आधिकारिक झंडी लगेगी।

इससे खासकर नए विधायकों को हर जगह अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सत्र में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और कई अहम बिल पारित हुए। उन्होंने कहा विपक्ष की भूमिका नकारात्मक रही। सरकार ने पौने चार साल में 32 हजार सरकारी नौकरियां और 1 लाख 62 हजार रोजगार के अवसर दिए हैं।

इस साल के अंत तक 50 हजार सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। गारंटियों को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार का सवा एक साल का कार्यकाल शेष है, सभी गारंटियां पूरी की जाएंगी। वहीं सत्र के समापन पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार जल्दबाजी में थी और सदन का माहौल अफरा तफरी वाला जैसा रहा।

अधिकारी भी सरकार को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं आज सदन के भीतर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। बदले की भावना से भाजपा के विधायकों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है जो भी अधिकारी इन जांच में शामिल है बीजेपी की सरकार सत्ता में आने पर इन अधिकारियों की जांच भी की जाएगी और सभी मामले जो राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से दर्ज किए गए हैं उनको रद्द किया जाएगा।सत्र के दौरान विपक्ष ने मजबूती के साथ जनता के मुद्दों को सदन में उठाया है।

सरकार जवाब देने की स्थिति में नहीं थी। मुख्यमंत्री आज भी काफी जल्दबाजी में दिखे और सदन के भीतर लगातार झूठ बोलते नजर आए।कुछ बिल विपक्ष की आपत्ति के बावजूद सदन में पारित किए गए हैं जो भविष्य में अदालतों में जाएंगे। चार साल के कार्यकाल में सरकार ने प्रदेश को पूरी तरह से तबाह कर दिया है विकास ठप है स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बुरी तरह से चरमरा गई है।

सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है ऐसे में सरकार का जाना तय है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

हिमाचल प्रदेश की विधानसभा ने 21 अगस्त से 3 सितंबर तक 10 दिन का मानसून सत्र संपन्न किया, जिसमें 91% प्रोडक्टिविटी दर्ज की गई। यह विषय राज्य की विधायी कार्यवाही और दक्षता पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी उच्च प्रोडक्टिविटी अन्य राज्यों के लिए मानक स्थापित करती है और दर्शाती है कि मौसम के बावजूद कार्य सुचारू रूप से चल सकता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है, क्योंकि इससे नीतियों और योजनाओं का समय पर निर्णय और कार्यान्वयन संभव होता है, जिससे विकास योजनाओं में देरी कम होती है और नाग

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।