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हिंदी दिवस का इतिहास और उद्देश्य, जानें क्यों खास है 14 सितंबर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
हिंदी दिवस का इतिहास और उद्देश्य, जानें क्यों खास है 14 सितंबर

सितंबर 14, नई दिल्ली: हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के सम्मान और उसके महत्व को रेखांकित करता है।

14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने लंबी और गहन चर्चा के बाद देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिंदी को देश की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।

इसके बाद वर्ष 1953 से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

भारतीय संविधान के भाग-17 के अनुच्छेद 343(1) के तहत संघ की राजभाषा हिंदी को यह संवैधानिक दर्जा दिया गया।

हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य केवल हिंदी बोलने या लिखने के लिए कहना नहीं है, बल्कि अपनी भाषा के प्रति सम्मान और उसके महत्व को समझना भी है।

हिंदी ने कबीर के दोहों से लेकर तुलसीदास की रचनाओं और प्रेमचंद की कहानियों से लेकर आधुनिक साहित्य तक समृद्ध साहित्यिक विरासत दी है।

हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति, संस्कृति और पहचान का माध्यम है।

गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग वर्ष 2021 से हर साल अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।

(फोटो स्रोत- @KumariDiya)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।