व्यापार

होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, बारूदी सुरंग से टकराकर समुद्र में डूबा जहाज, कंटेनर पर सवार थे 21 क्रू मेंबर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, बारूदी सुरंग से टकराकर समुद्र में डूबा जहाज, कंटेनर पर सवार थे 21 क्रू मेंबर

US-Iran War: मिडिल ईस्ट पिछले करीब आठ महीनों से सुलग रहा है.

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद शुरू हुई ये जंग सऊदी अरब तक पहुंच गई है. इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से एक और बुरी खबर सामने आई है. दरअसल, होर्मुज समुद्री माइंस से टकराकर एक जहाज डूब गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंटेनर जहाज जीएफएस प्राइड (GFS Pride) समुद्र में डूब गया है. इस जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर सवार थे.

गनीमत ये रही कि जहाज पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है.

सिंगापुर की मैरीटाइम एंड पोर्ट अथॉरिटी (MPA) के मुताबिक, हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

होर्मुज से गुजरते वक्त माइंस से टकराया जहाज बताया जा रहा है कि करीब 2,824 TEU यानी 20 फुट के मानक आकार वाले कंटेनरों को ले जाने की क्षमता रखने वाला यह जहाज उस वक्त समुद्री माइंस से टकरा गया जब वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था.

ईरानी अधिकारियों का दावा है कि जहाज समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया था.

हालांकि, अभी तक घटना इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि जहाज बारूदी सुरंग से टकराने के बाद डूबा या किसी और वजह से ऐसे हुआ.

समुद्री रास्ते पर लगातार बढ़ रहे हमले वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी ने आरोप लगाया कि जहाज ने निर्धारित नियमों के विपरीत एक जोखिम भरे मार्ग से गुजरने की कोशिश की थी.

ईरानी पक्ष के मुताबिक, बारूदी सुरंग से टकराने के बाद जहाज में आग लग गई.

वहीं दूसरी ओर, सिंगापुर के समुद्री प्राधिकरण ने व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रही घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया है.

प्राधिकरण के मुताबिक, नागरिक समुद्री परिवहन को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है.

ब्रिटेन के समुद्री निगरानी संगठन यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात वस्तु से हमला होने की सूचना मिलने की बात कही है.

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना का जीएफएस प्राइड के डूबने से कोई सीधा संबंध है या नहीं.

इस घटना के बाद ईरानी गार्ड्स ने क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय जहाजों और मछुआरों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है.

केप दाओ पर हमले के बाद डूबने का खतरा वहीं इस क्षेत्र में सामने आई दूसरी घटना ने भी समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर कैप दाओ पर 23 सितंबर को प्रोजेक्टाइल से हमले की जानकारी सामने आई थी.

ब्रिटिश समुद्री जोखिम प्रबंधन समूह वैनगार्ड के मुताबिक, जहाज को बचाने की कोशिशें सफल नहीं होने के बाद उसके डूबने की आशंका जताई गई.

हालांकि इस घटना और जीएफएस प्राइड के हादसे के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है.

इसी दौरान दक्षिणी ईरान के होर्मोजगन प्रांत में सिरिक के नजदीक मछली पकड़ने वाली एक नाव से जुड़ी ड्रोन घटना की भी खबर आई. ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, इस घटना में तीन मछुआरे घायल हुए.

इसे अमेरिकी ड्रोन से जुड़ा मामला बताया गया, लेकिन जिम्मेदारी और घटना की परिस्थितियों पर आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है.

जंग से पहले होर्मुज से रोजाना गुजरते थे करीब 140 जहाज बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है.

युद्ध से पहले इस संकरे रास्ते से रोजाना लगभग 125 से 140 बड़े व्यावसायिक जहाज गुजरते थे.

इनमें कच्चे तेल के टैंकर, गैस वाहक और कंटेनर जहाज प्रमुख थे. 28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद समुद्री आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई. इस मार्ग से होने वाला व्यापार लगभग ठप पड़ गया.

हालांकि बाद में जहाजों की आवाजाही में कुछ सुधार के संकेत मिले, लेकिन हालिया घटनाओं ने फिर से इस जोखिम बढ़ा दिया है.

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।