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हुनर से आत्मनिर्भरता की उड़ान, साहिबगंज में कुपोषित बच्चों की माताओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
हुनर से आत्मनिर्भरता की उड़ान, साहिबगंज में कुपोषित बच्चों की माताओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर

साहिबगंज एमटीसी में कुपोषित बच्चों का इलाज, बच्चों की माताओं को हुनरमंद बनाने की हुई पहल, समय के सदुपयोग के साथ आर्थिक रूप से हो रहीं सक्षम, स्वरोजगार से समृद्धि की ओर बढ़ रही माताएं।

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साहिबगंज एमटीसी में कुपोषित बच्चों का इलाज

बच्चों की माताओं को हुनरमंद बनाने की हुई पहल

समय के सदुपयोग के साथ आर्थिक रूप से हो रहीं सक्षम

स्वरोजगार से समृद्धि की ओर बढ़ रही माताएं

एंकर कुपोषण के खिलाफ जंग में अब बच्चों के उपचार के साथ उनकी माताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की भी पहल की जा रही है। साहिबगंज के कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती बच्चों की माताओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य माताओं को आत्मनिर्भर बनाना और बच्चों के बेहतर पोषण एवं देखभाल के लिए उन्हें सक्षम बनाना है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. साहिबगंज जिला पहाड़ी और समतली क्षेत्र से घिरा है। पहाड़ों पर रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को उचित पोषण न मिलने से वे कुपोषित हो जाते हैं। इससे बचने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार और जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए एमटीसी केंद्र भी संचालित हैं।

बाइट- रूबी कुमारी, एएनएम

वीओ-2: साहिबगंज के पुराने सदर अस्पताल परिसर में संचालित 20 बेड वाले कुपोषण उपचार केन्द्र में कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है। बच्चों के साथ इलाज के दौरान रहने वाली माताओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की गई है। एमटीसी प्रभारी डॉ. महमूद आलम ने बताया कि इस पहल से बच्चों के इलाज के साथ माताओं को आर्थिक मदद मिलेगी।

बाइट- डॉ. महमूद आलम, प्रभारी, एमटीसी

वीओ 03. फिलहाल केंद्र में एक दर्जन से अधिक बच्चों का उपचार जारी है। पहले इलाज के दौरान परिजनों को प्रतिदिन कुछ राशि दिए जाने का प्रावधान था। अब रोजगारपरक प्रशिक्षण के जरिए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों की देखभाल के साथ माताओं को हुनर सीखने का अवसर भी मिल रहा है।

बाइट- शेरमुनि देवी, तालझारी बाइट- सोनी हांसदा, बरहरवा

बाइट- अनीता पहाड़िन, बोरियो

अंतिम वीओ कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में बच्चों का उपचार जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी है। साहिबगंज की यह पहल माताओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

साहिबगंज से आनंद कुमार ओझा की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।