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IIT बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर पर FIR:पेरेंट्स का आरोप- साहिल को जातिसूचक गालियां दीं, 3 महीने प्रताड़ित किया; इस साल IIT में 9 आत्महत्याएं

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
IIT बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर पर FIR:पेरेंट्स का आरोप- साहिल को जातिसूचक गालियां दीं, 3 महीने प्रताड़ित किया; इस साल IIT में 9 आत्महत्याएं

मुंबई के IIT में स्टूडेंट्स साहिल रविंद्र वाकोडे की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने प्रोफेसर सत्यनारायण डल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की है। साहिल के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पिछले करीब 3 महीने से जातिसूचक गालियां दी जा रही थीं और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता ने अपनी शिकायत में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर श्रीशिश बी.

केदारे, कुछ फैकल्टी मेंबर्स, सीनियर अधिकारियों के नाम भी दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर के निर्देश पर साहिल के साथ उत्पीड़न हुआ। पुलिस ने मामला की जांच शुरू कर दी है। साहिल IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग का सेकंड ईयर बीटेक स्टूडेंट था। शुक्रवार शाम वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया।

संस्थान के मुताबिक, वह एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था और उसने सवाल का जवाब जानने के लिए ChatGPT पर पेपर अपलोड किया था। सरकार की सिफारिश- 1 हजार छात्रों पर 1 काउंसलर शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर 1 काउंसलर का लक्ष्य रखा था, लेकिन आईआईटी खड़गपुर में प्रति काउंसलर करीब 1,500, दिल्ली में 1,214 और कानपुर में 1,058 छात्र थे।

छात्रों के प्रदर्शन के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गईं घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में डायरेक्टर प्रो.

शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की। छात्रों के विरोध के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है और मामले की जांच की जा रही है। IIT बॉम्बे में स्टूडेंट वेलनेस सेंटर मौजूद IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है।

यहां छात्र पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद ले सकते हैं। इसके लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन करके समय लिया जा सकता है। अगर कोई छात्र बात-बात पर चिड़चिड़ा हो रहा है, पढ़ाई छोड़ रहा है, खुद को कमरे में बंद रखता है, कम खाता-सोता है या हमेशा निराशा भरी बातें करता है, तो यह भारी मानसिक तनाव की निशानी है।

5 साल में 65 छात्रों ने सुसाइड किया RTI डेटा के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच देश के IITs में कुल 65 छात्रों ने आत्महत्या की। 2025 में अकेले 15 मामले थे। इन पां

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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सभी को यह याद दिलाना ज़रूरी है कि किसी भी प्रकार की अपमानजनक भाषा या मानसिक दमन से न केवल व्यक्ति का मनोबल टूटता है, बल्कि समाज की समग्र भलाई पर भी असर पड़ता है। जब भी किसी को मानसिक पीड़ा महसूस हो, तुरंत सहायता माँगें—किसी भरोसेमंद शिक्षक, परामर्शदाता या हेल्पलाइन से संपर्क करें। संघर्षों को संवाद, सहानुभूति और कानूनी मार्गों से सुलझाना ही हमें एक स्वस्थ, समान और समृद्ध समाज की ओर ले जाता है।

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